स्टेयरिंग लॉक होने से चालक का नियंत्रण छूटा, बस में सवार थे 68 यात्री
लोकवाहिनी संवाददाता
गढ़चिरौली। गढ़चिरौली से चामोर्शी जा रही एसटी बस शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे शिवणी गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस का स्टेयरिंग अचानक लॉक होने से चालक का नियंत्रण छूट गया और बस सड़क पर पलट गई। हादसे में करीब 31 यात्री घायल होने की प्राथमिक जानकारी है। इनमें से 29 घायलों को उपचार के लिए गढ़चिरौली जिला सामान्य अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार, एमएच 06 8848 क्रमांक की यह बस गढ़चिरौली से यात्रियों को लेकर चामोर्शी की ओर जा रही थी। हादसे के समय बस में कुल 68 यात्री सवार थे, जिनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल था। बस के अचानक पलटने से यात्रियों में कुछ समय के लिए अफरातफरी और भय का माहौल बन गया। दुर्घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राहत कार्य शुरू किया गया और घायलों को बस से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं हैं और सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। दुर्घटना के कारण को लेकर बस चालक से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस चलाते समय अचानक स्टेयरिंग लॉक हो गया। इससे चालक का बस पर नियंत्रण नहीं रहा और बस पलट गई। हालांकि, दुर्घटना का वास्तविक कारण आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुरानी बसों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद गढ़चिरौली जिले में चल रही पुरानी और जर्जर बसों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी बस का पहिया निकलने के कारण दो बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बसों की नियमित तकनीकी जांच और रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस दुर्घटना के बाद चामोर्शी-गढ़चिरौली राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब स्थिति का मुद्दा भी सामने आया है। मार्ग पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर संबंधित विभाग को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। नागरिकों ने सड़क की तत्काल मरम्मत करने के साथ ही खराब सड़क के लिए जिम्मेदार संबंधित तंत्र की जवाबदेही तय करने की मांग की है। साथ ही पुरानी बसों की तकनीकी जांच कर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग भी की जा रही है।
शिवणी के पास हुए इस बस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन में चलने वाले वाहनों की तकनीकी स्थिति से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। अब प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है, इस पर नागरिकों की नजर है।














