कुआलालंपुर। आसियान शिखर सम्मेलन से इतर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच सोमवार को कुआलालंपुर में अहम बैठक हुई। यह मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई है जब अमेरिकी आयात शुल्क के कारण भारत–अमेरिका संबंधों में तनाव गहरा गया था। अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50% तक शुल्क और रूसी तेल आयात पर अतिरिक्त 25% टैक्स को भारत पहले ही “अनुचित” और “अविवेकपूर्ण” कह चुका है।
जयशंकर ने मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार, क्षेत्रीय चुनौतियों और वैश्विक मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि बैठक का मुख्य फोकस भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को आगे बढ़ाना था, जिसके पहले चरण पर अब तक पांच राउंड की वार्ता पूरी हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक यह समझौता “बहुत जल्द” हो सकता है, जिससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी।
इससे पहले जयशंकर ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ से भी अलग-अलग मुलाकात की है। बता दें कि भारत, अमेरिका, चीन, जापान सहित कई बड़े देश आसियान के बातचीत साझेदार हैं और यह संगठन दक्षिण–पूर्व एशिया का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक–आर्थिक समूह माना जाता है। इस साल की मेजबानी मलेशिया कर रहा है, जहां आसियान शिखर सम्मेलन और इससे जुड़े सभी अहम कार्यक्रम हो रहे हैं।
भारत और अमेरिका की ये राजनयिक कोशिशें संकेत देती हैं कि कड़े वक्त के बाद अब दोनों देशों के रिश्ते फिर से सकारात्मक मोड़ की तरफ बढ़ रहे हैं। दुनिया की दो विशाल अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का मजबूत होना, वैश्विक राजनीति में भी बड़ा असर डाल सकता है।








