लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय नौसेना ने बंगाल की खाड़ी में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। यहां शॉर्ट-रेंज नेवल एंटी-शिप मिसाइल का सफल टेस्ट किया गया। इतिहास में पहली बार, एक हेलिकॉप्टर से कुछ ही सेकंड के अंतर पर दो मिसाइलें एक साथ दागी गईं।
ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट सेंटर के रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम से इन मिसाइलों के रास्ते पर नज़र रखी गई। दोनों मिसाइलों ने समुद्र में मौजूद जहाज के हल यानी निचले हिस्से पर एकदम सटीक निशाना लगाया। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, इस मिसाइल के विकास से हमारी सैन्य क्षमता काफी बढ़ जाएगी। इस मिसाइल की सबसे खास बात यह है कि यह उड़ान के दौरान भी नई जानकारी ले सकती है। अगर जरूरत पड़ी, तो यह मिसाइल उड़ते-उड़ते अपनी दिशा या टारगेट बदल सकती है। यह दुश्मन के जहाज के सबसे कमजोर हिस्से को पहचानकर हमला करती है, जिससे उसे ज्यादा से ज्यादा नुकसान होता है।
सेना की बढ़ेगी ताकत
इस नई तकनीक के जरिए भारत ने साल्वो लॉन्च क्षमता को परखा। यानी एक लॉन्चर से कम समय में ज्यादा मिसाइलें दागना। यह तकनीक दुश्मन के रडार सिस्टम को चकमा दे सकती है। ओडिशा के चांदीपुर की टेस्ट रेंज में लगे रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और टेलीमेट्री के जरिए मिसाइल की पूरी उड़ान और निशाने को ट्रैक किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मिसाइल के बनने से सेना की ताकत काफी बढ़ेगी।








