अमरावती के इर्विन चौक में सामाजिक कार्यकर्ता शेषनाग गजभिये का रोष
लोकवाहिनी संवाददाता
अमरावती। शहर के इर्विन चौक स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के लिए भूमि का तत्काल हस्तांतरण किए जाने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता शेषनाग गजभिये ने रविवार दोपहर 12 बजे से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक पर ‘जीवित समाधि’ आंदोलन शुरू कर दिया। आंदोलनकारी का कहना है कि यह आंदोलन सामाजिक न्याय, संविधान के सम्मान और जनता के न्यायसंगत अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
इर्विन चौक पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की पूर्णकृति प्रतिमा स्थापित है और यहां प्रतिवर्ष बड़े पैमाने पर सार्वजनिक रूप से आंबेडकर जयंती मनाई जाती है। इसी कारण अंबेडकरी समाज लंबे समय से इस स्थान पर डॉ. आंबेडकर का भव्य स्मारक बनाए जाने की मांग करता आ रहा है। इस मांग को लेकर विभिन्न अंबेडकरी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों द्वारा कई बार धरना, प्रदर्शन, मोर्चा तथा ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक स्मारक के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है। मामले में फिलहाल नागपुर खंडपीठ में न्यायिक प्रक्रिया भी लंबित है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि महानगरपालिका प्रशासन भी इस दिशा में गंभीर प्रयास नहीं कर रहा है। इसी विरोध में शेषनाग गजभिये ने जीवित समाधि आंदोलन शुरू किया है। आंदोलन स्थल पर उनकी पत्नी और दोनों बेटियां भी मौजूद हैं। पूर्व लेडी गवर्नर डॉ. कमलताई गवई ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया है और वे भी धरना स्थल पर पहुंचीं। इसके अलावा विभिन्न अंबेडकरी संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल हैं। आंदोलन समाप्त कराने के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
आंदोलन की प्रमुख मांगें:
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के लिए भूमि का तत्काल हस्तांतरण किया जाए।
इर्विन अस्पताल का नाम बदलकर ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सामान्य अस्पताल’ किया जाए।
शिव टेकड़ी पर 101 फीट ऊंची छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित की जाए।
जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में 50 फीट ऊंची डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की पूर्णकृति प्रतिमा स्थापित की जाए।
कमलताई गवई ने आंदोलन को दिया समर्थन:
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के लिए भूमि हस्तांतरण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई की माताजी कमलताई गवई ने अपना समर्थन दिया। उन्होंने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से मुलाकात की और कहा कि इस स्थान पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का भव्य स्मारक बनना सभी की भावना है। आंदोलन स्थल पर विभिन्न सामाजिक एवं अंबेडकरी संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वहीं, आंदोलनकारी शेषनाग गजभिये से आंदोलन समाप्त कराने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।








