सीएनजी के दाम बढ़े, दूध और ऑटो-टैक्सी का किराया भी महंगा
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। मुंबई में आज से महंगाई ने आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है। सीएनजी और घरेलू पीएनजी के दाम बढ़ने के साथ ऑटो-टैक्सी का किराया और दूध की कीमत भी बढ़ गई है। सीएनजी की कीमत में बढ़ोतरी के विरोध में 3 सितंबर को प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया है। यानी महीने की शुरुआत ही मुंबई के लोगों के लिए बढ़े हुए खर्च और विरोध के माहौल के साथ हुई है।
सीएनजी महंगी, 13 लाख वाहन मालिकों पर सीधा असर
महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने मुंबई और अपने अन्य परिचालन क्षेत्रों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमत दो रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दी है। कंपनी ने पश्चिम एशिया में जारी संकट के बाद गैस की लागत बढ़ने के कारण यह कदम उठाया है। एमजीएल ने मंगलवार को बयान में कहा कि संशोधित दरों के अनुसार, मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी की कीमत अब 88 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। यह बढ़ोतरी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) द्वारा दिल्ली में सीएनजी की कीमत 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाकर 86.98 रुपये किए जाने के बाद की गई है। राष्ट्रीय राजधानी में सीएनजी की कीमत पहले 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इस वृद्धि के साथ इस साल दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में कुल 10 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो चुकी है।
साल की शुरुआत में दिल्ली में सीएनजी की कीमत 77.09 रुपये प्रति किलोग्राम थी। मई के दूसरे पखवाड़े में इसे चार किस्तों में कुल छह रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाया गया था, जिसके बाद इसकी कीमत 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई थी। एमजीएल ने कहा कि सीएनजी की कीमत में दो रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि का उद्देश्य गैस की बढ़ी लागत की आंशिक भरपाई करना और ग्राहकों को निरंतर तथा टिकाऊ आपूर्ति सुनिश्चित करना है। कंपनी ने इसी तारीख से पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) की कीमत भी एक रुपये प्रति मानक घन मीटर (एससीएम) बढ़ा दी है। एमजीएल मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, लातूर और धाराशिव के अलावा चित्रदुर्ग और दावणगेरे में शहर गैस वितरण नेटवर्क का संचालन करती है। कंपनी के मुताबिक, वह 500 से अधिक स्टेशन के नेटवर्क के जरिए 13 लाख से अधिक वाहनों को सीएनजी की आपूर्ति करती है। इसके अलावा उसके परिचालन क्षेत्रों में करीब 30 लाख घरों को पीएनजी कनेक्शन दिया जा चुका है।
ऑटो-टैक्सी से सफर भी हुआ महंगा
मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सी का किराया मंगलवार को क्रमशः एक रुपये और दो रुपये बढ़ा दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अब यात्रियों को पहले 1.5 किलोमीटर की यात्रा के लिए ऑटो-रिक्शा में न्यूनतम 27 रुपये और टैक्सी में 33 रुपये देने होंगे। यह किराया वृद्धि ऐसे समय हुई है जब महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने भी आधी रात से संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) की कीमत दो रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाकर एमएमआर में 88 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी है। किराए में संशोधन को मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (एमएमआरटीए) ने चार सदस्यीय खटुआ समिति द्वारा तय किए गए सूत्र के आधार पर मंजूरी दी है। यह समिति किराया तय करते समय ईंधन की कीमतों और अन्य परिचालन लागत को ध्यान में रखती है। लाख से अधिक ऑटो-रिक्शा और आरटीओ के एक अधिकारी ने बताया कि संशोधित टैक्सी किराया 21.90 रुपये प्रति किलोमीटर होगा, जो पहले 20.66 रुपये था। वहीं, ऑटो-रिक्शा का किराया 17.14 रुपये से बढ़ाकर 18.22 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। यह किराया संशोधन 18 महीने के अंतराल के बाद हुआ है। एमएमआर में टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के किराये में आखिरी बार फरवरी 2025 में तीन-तीन रुपये की वृद्धि की गई थी। एमएमआर में 4.5 लाख से अधिक ऑटो-रिक्शा और 50,000 से अधिक काली-पीली टैक्सियां हैं। इनमें से ज्यादातर सीएनजी से चलती हैं। अधिकारी ने कहा कि चालक अपने इलेक्ट्रॉनिक किराया मीटर को दुरुस्त कराकर या आरटीओ द्वारा मंजूर किराया तालिका प्रदर्शित करके संशोधित किराया वसूल सकते हैं। चालकों को नवंबर के अंत तक तीन महीने का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में ऐसा नहीं करने वाले चालकों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
दूध पर महंगाई की मार, नौ रुपये लीटर बढ़े दाम
मुंबई में ताजा भैंस के दूध की थोक कीमत मंगलवार से नौ रुपये बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गई। त्योहारों से पहले बढ़ी इन कीमतों का असर सीधे तौर पर लोगों के घरेलू बजट पर पड़ेगा। मुंबई दुग्ध उत्पादक संघ (एमएमपीए) ने बताया कि बढ़ी हुई कीमत 28 फरवरी, 2027 तक लागू रहेगी। दुधारू पशुओं की खरीद लागत में 60 से 70 प्रतिशत और चारे की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि के कारण यह फैसला लिया गया है। एमएमपीए के चेयरमैन सी. के. सिंह ने कहा, एक सितंबर से थोक कीमत में नौ रुपये प्रति लीटर की वृद्धि के बाद खुदरा कीमतें भी इलाकों और स्थानीय मांग के आधार पर 115 से 125 रुपये प्रति लीटर या इससे अधिक हो सकती है। संघ की द्विवार्षिक आमसभा की बैठक में थोक कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया। करीब 70 साल पुराना यह संघ अपनी डेयरी, स्थानीय खुदरा विक्रेताओं और पशुशालाओं के जरिए ताजा भैंस का दूध उपलब्ध कराता है। एमएमपीए के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी मूल्य वृद्धि है। इससे पहले फरवरी में दूध की कीमत 91 रुपये से बढ़ाकर 93 रुपये प्रति लीटर की गई थी। दूध की कीमतों में वृद्धि से त्योहार और शादी के सीजन में इसकी मांग प्रभावित होने की आशंका है।
इस दौरान घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बड़ी मात्रा में मिठाइयां तैयार होने के कारण दूध की मांग आमतौर पर 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। सिंह ने कहा कि दुधारू पशुओं की कीमतों में 60 से 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, ‘दाना’, ‘तुअर’ जैसे चारे की कीमतें औसतन 25 प्रतिशत बढ़ी हैं। इसके अलावा घास और सूखे चारे की लागत भी बढ़ी है। चेयरमैन के मुताबिक, मुंबई में रोजाना 50 लाख लीटर से अधिक भैंस के दूध की खपत होती है, जिसमें से एमएमपीए के सदस्य सात लाख लीटर से अधिक दूध की आपूर्ति करते हैं। इस तरह मुंबई में सितंबर की शुरुआत सीएनजी, पीएनजी, सार्वजनिक परिवहन और दूध, चारों मोर्चों पर बढ़े खर्च के साथ हुई है। खास तौर पर सीएनजी की कीमत बढ़ने से वाहन मालिकों और रोजाना सफर करने वालों पर सीधा असर पड़ा है।












