लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर महाविकास आघाडी (एमवीए) के भीतर सीटों के तालमेल को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए जैसे ही शिवसेना (यूबीटी) ने अंबादास दानवे के नाम का औपचारिक ऐलान किया, कांग्रेस ने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी इस चुनाव में अपना स्वतंत्र उम्मीदवार मैदान में उतारने पर विचार कर रही है।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन के प्रमुख घटक दल एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे। यह विवाद उस समय और अधिक गहरा गया जब सपकाल के पुराने बयान को याद किया गया। उन्होंने पूर्व में संकेत दिया था कि यदि उद्धव ठाकरे स्वयं विधान परिषद के लिए उम्मीदवार बनते हैं, तो कांग्रेस बड़े भाई की भूमिका निभाते हुए उनका समर्थन करेगी।
हालांकि, अंबादास दानवे के नाम पर कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा में उनके विधायकों की संख्या को देखते हुए एक सीट पर उनका दावा मजबूत है और गठबंधन में एकतरफा फैसले नहीं लिए जाने चाहिए।








