नागपुर महानगरपालिका में स्वीकृत सदस्य चयन प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर विवाद उत्पन्न हो गया है। विरोधी पक्ष नेता ने बताया कि महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी की ओर से पूर्व में एक स्पष्ट पत्र जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि जिन उम्मीदवारों को चुनाव में कम अंतर से हार मिली है, उन्हें स्वीकृत सदस्य के रूप में शामिल न किया जाए।
इसके बावजूद अंतिम समय में स्पष्ट निर्देश न मिलने और प्रक्रिया में देरी होने के कारण स्थिति भ्रमित हो गई। नेता के अनुसार, चयन प्रक्रिया शुरू होने के समय तक उन्हें कोई स्पष्ट आदेश प्राप्त नहीं हुआ था, जिसके चलते उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया।
इस दौरान दो अलग-अलग नामों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही और अंतिम समय में फॉर्म दाखिल करने की प्रक्रिया को लेकर गहमा-गहमी देखी गई। बाद में एक नाम वापस लेकर दूसरे नाम को आगे बढ़ाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
इस पूरे मामले को लेकर संगठनात्मक समन्वय और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर पार्टी स्तर पर आगे की चर्चा और स्पष्टीकरण की संभावना जताई जा रही है।








