18 से 22 अक्टूबर तक नागपुर-अजनी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री बंद
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। दशहरा और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस अवसर पर 20 अक्टूबर को दीक्षाभूमि में बड़ी संख्या में अनुयायियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नागपुर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। शुक्रवार से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्टेशन परिसर में 24 घंटे बम डिटेक्शन एंड डिस्मोज़ल स्क्वॉड (बीडीडीएस) और डॉग स्क्वॉड तैनात रहेंगे। ट्रेनों से लेकर यात्रियों के सामान तक की सघन जांच की जा रही है। यहाँ, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नागपुर और अजनी रेलवे स्टेशन पर 18 से 22 अक्टूबर तक प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। नागपुर रेलवे स्टेशन देश के व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहाँ प्रतिदिन 25,000 से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। सामान्य दिनों में स्टेशन की सुरक्षा के लिए आरपीएफ के 87 जवान और लगभग इतनी ही संख्या में जीआरपी के कर्मचारी तैनात रहते हैं। हालांकि, त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि होती है।
जवानों की तैनाती, ट्रेनों की सघन जांच
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए जीआरपी को पुणे रेलवे से 35 और मुख्यालय से 40 अतिरिक्त जवान उपलब्ध कराए गए हैं। आरपीएफ के पास भी 60 से अधिक अतिरिक्त जवानों की मौजूदगी है। जरूरत के अनुसार जवानों की ड्यूटी अवधि बढ़ाई गई है, ताकि स्टेशन परिसर के चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा सके। स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों में विशेष टीमें जांच कर रही हैं। मेटल डिटेक्टर की मदद से ट्रेन के भीतर तलाशी ली जा रही है। ट्रेनों के नीचे भी बारीकी से जांच की जा रही है। मुख्य प्रवेश द्वार पर स्कैनर मशीनों से यात्रियों के बैग की जांच हो रही है। इसके अलावा डॉग स्क्वॉड की मदद से भी संदिग्ध सामान की पड़ताल की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। अजनी रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। यहाँ अतिरिक्त जवानों के साथ विशेष टीमें गश्त कर रही हैं और बीडीडीएस तथा डॉग स्क्वॉड को भी सक्रिय रखा गया है।












