कुलपति कार्यालय के सामने लगाया तोरण
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और दोषी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई न होने के विरोध में विश्वविद्यालय परिसर में एक अनोखा प्रदर्शन किया। भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के जरिए प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने 100 और 500 रुपये के नोटों पर भ्रष्ट लोगों के नाम लिखे और कुलपति कार्यालय के गेट पर नोटों का तोरण लगा दिया। उन्होंने प्रत्येक रुपये पर अपनी मांगें भी लिखीं और उन्हें शिकायत पेटी में डाल दिया। यह प्रदर्शन प्रबंधन परिषद की बैठक के दौरान हुआ। एनएसयूआई ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन और जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। संगठन का आरोप है कि जांचकर्ता और आरोपी एक ही व्यक्ति हैं। संगठन ने यह भी सवाल उठाया है कि कुलपति की चुप्पी और टालमटोल भरे रवैये के कारण वास्तव में किसे बचाया जा रहा है और क्या छुपाया जा रहा है।
एनएसयूआई द्वारा उठाए गए भ्रष्टाचार के पांच प्रमुख मामलों में सफाई कर्मचारियों के वेतन में घोटाला, प्रक्रिया के नाम पर निविदा लागत को लाखों रुपये से करोड़ों रुपये तक बढ़ाना, शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉडर्स से संबंधित 5 लाख रुपये के विश्वविद्यालय गीत कार्यक्रम के लिए सीधे 95 लाख रुपये खर्च करना और कोएम्प्ट कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए पात्रता शर्तों में हेरफेर करके निविदा प्रक्रिया में अनियमितताएं शामिल हैं। संगठन ने मांग की कि सभी मामलों पर गठित समितियां जल्द से जल्द निर्णय लें, संबंधित ठेकेदार कंपनियों को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए और भ्रष्टाचार में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। इस विरोध प्रदर्शन में अजीत सिंह, वैष्णवी भारद्वाज, आशीष मांडपे, प्रणय ठाकुर, नीलेश खोरगड़े, मुरली साहू, नागेश गिन्हे, विद्यासागर त्रिपाठी, आयुष गोरले, प्रणय कुंभलकर, दयाशंकर साहू, रॉयल गेदाम आदि उपस्थित थे।











