April 25, 2026
लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला देते हुए कहा कि किसी भी महिला, विशेषकर नाबालिग, को उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भावस्था के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। सात महीने से ज्यादा की प्रेग्नेंट 15 साल की लड़की को मेडिकल टर्मिनेशन (अबॉर्शन) की इजाजत दी। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस...
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