सालई (मोकासा) के मोगरा गांव में पुलिस और वन विभाग ने किया रेस्क्यू
लोकवाहिनी, संवाददाता
पारशिवनी। तहसील अंतर्गत सालई मोकासा के निकट स्थित मोगरा गांव में जीपीएस ट्रैकर लगा हुआ एक दुर्लभ पक्षी मिलने से ग्रामीण में हड़कंप मच गया। मोगरा गांव के पुलिस पाटिल ने वनविभाग व पुलिस विभाग को सूचना दी जिस पर ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस व वन विभाग के त्वरित समन्वय से पक्षी को सुरक्षित रेस्क्यू कर पेंच के वन क्षेत्र में भेज दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोगरा गांव के ग्रामीणों को एक पक्षी दिखाई दिया, जिसके शरीर पर संदिग्ध जीपीएस जैसा उपकरण बंधा हुआ था। ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना तुरंत पुलिस विभाग व वन विभाग को रोशन धुर्वे ने पुलिस व वनविभाग के क्षेत्र सहायक मेढे को दी। सूचना मिलते ही पारशिवनी पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक किशोर शेरकी एवं गोपनीय विभाग के पृथ्वीराज चव्हाण ने तत्परता दिखाते हुए वन विभाग से
संपर्क साधा। इसके बाद मोगरा के पुलिस पाटिल रोशन धुर्वे, वन विभाग के पारशिवनी क्षेत्र सहायक मेढे, वनरक्षक जाधव, पिल्लेवार, खेले, कालेकर और गडगले मौके पर पहुंचे। संयुक्त दल ने बेहद सावधानीपूर्वक पक्षी का रेस्क्यू किया और प्राथमिक जांच के बाद उसे सुरक्षित पेंच वन क्षेत्र के हवाले कर दिया।
शोध का हिस्सा हो सकता है जीपीएस
विशेषज्ञों के अनुसार, वन्यजीव व पक्षी वैज्ञानिक अक्सर प्रवासी पक्षियों के मार्ग, उनके पर्यावास और जीवनशैली के अध्ययन के लिए इस तरह के जीपीएस ट्रैकर लगाते हैं। प्रशासन और वन विभाग द्वारा पक्षी के जीपीएस टैग की तकनीकी जांच की जा रही है। ग्रामीणों की जागरूकता और पुलिस-वन विभाग के त्वरित एक्शन की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।














