नई दिल्ली। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने गुरुवार को हाई-प्रोफाइल रेप केस में कारोबारी समीर मोदी को बड़ी राहत दी है। समीर, भगोड़े व्यवसायी ललित मोदी के भाई हैं और उन पर उनकी पूर्व सहकर्मी ने शादी का झांसा देकर बलात्कार के आरोप लगाए थे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विपिन खरब ने इन-कैमरा सुनवाई के बाद समीर को 5 लाख रुपये के मुचलके और कुछ शर्तों पर जमानत दी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में इस जमानत का कड़ा विरोध किया था।
क्या हैं आरोप?
शिकायतकर्ता का आरोप है कि समीर मोदी ने 2019 में फैशन और लाइफस्टाइल इंडस्ट्री में करियर दिलाने का भरोसा दिलाकर उससे संपर्क किया और फिर दिसंबर 2019 में अपने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित घर पर उसके साथ बलात्कार किया। महिला का कहना है कि मोदी ने कई बार उसका शोषण किया, धमकियां दीं और धोखा दिया।
मामला क्यों बना हाई-प्रोफाइल?
यह केस तब चर्चा में आया जब समीर मोदी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाने वाली महिला पर 50 करोड़ रुपये की उगाही की कोशिश का आरोप लगाया। संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने बंद कमरे में सुनवाई करने का आदेश दिया था।
55 वर्षीय समीर मोदी को गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा गया था, लेकिन अब कोर्ट से उन्हें राहत मिल गई है।











