नई दिल्ली। नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने को लेकर सरकार ने 16 से लेकर 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र में सरकार तीन महत्वपूर्ण बिल लेकर आने वाली है जिनसे 2029 लोकसभा चुनाव से महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू हो जाएगा।
सरकार ने 2029 के लोकसभा चुनावों से महिला आरक्षण अधिनियम लागू करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं दक्षिणी राज्यों ने सीटें बढ़ाने का विरोध किया है। सूत्रों के अनुसार, इनमें से 815 सीटें राज्यों के लिए और बाकी 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित हैं। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं।
जनसंख्या की नई परिभाषा
विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि जनसंख्या का अर्थ उस जनगणना से होगा, जिसे संसद कानून द्वारा निर्धारित करेगी और जिसके आधिकारिक आँकड़े प्रकाशित हो चुके होंगे। यह प्रावधान राष्ट्रपति चुनाव (अनुच्छेद 55), लोकसभा (अनुच्छेद 81), राज्य विधानसभाओं (अनुच्छेद 170) और आरक्षण से जुड़े प्रावधानों (अनुच्छेद 330, 332) में समान रूप से लागू होगा।
विधेयक की पृष्ठभूमि
संविधान के अनुच्छेद 82 और 170 के तहत हर जनगणना के बाद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों के पुनर्निर्धारण का प्रावधान है। हालांकि, वर्ष 1971 की जनगणना के आधार पर सीटों के आवंटन को संविधान (84वां संशोधन) अधिनियम, 2001 के माध्यम से वर्ष 2026 के बाद की पहली जनगणना तक स्थगित कर दिया गया था।
इसके बाद संविधान (87वां संशोधन) अधिनियम, 2003 के जरिए निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण 2001 की जनगणना के आधार पर किया गया, लेकिन कुल सीटों की संख्या यथावत रखी गई। वर्तमान में देश की जनसंख्या संरचना में व्यापक बदलाव, राज्यों के बीच जनसंख्या वृद्धि में असमानता, आंतरिक प्रवासन और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण कई निर्वाचन क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विधेयक लाया गया है।











