वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ा है। नीतियों में बड़े बदलाव का आदेश दिया है। अब अमेरिका में कुछ खास ब्रांडेड दवाओं के आयात पर 100% तक टैरिफ लगाया जाएगा। इस टैरिफ का मकसद दवा कंपनियों को मजबूर करना है कि वे अपनी दवाओं का उत्पादन अमेरिका के भीतर ही करें।
इसके अलावा, धातुओं पर लगने वाले टैरिफ में भी बदलाव किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, नए एलान के तहत, पेटेंट वाली दवाओं की विदेशी कंपनियों को कीमत कम करने और प्रोडक्शन को अमेरिका में शिफ्ट करने पर सहमत होना होगा। जो कंपनियां पूरी तरह से इस शर्त का पालन करेंगी, वे टैरिफ से बच सकती हैं।
अगर कोई कंपनी अमेरिका में कीमत कम करने का समझौता नहीं करती है, लेकिन अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाना शुरू कर देती है, ऐसे में कंपनी को तब तक केवल 20% ड्यूटी देनी होगी जब तक उसका कारखाना बन रहा है। जो कंपनियां इन दोनों में से किसी भी शर्त को पूरा नहीं कर पाएंगी, उन पर 100% तक का टैरिफ लगाया जा सकता है।
यह नियम फिलहाल पेटेंट और ब्रांडेड दवाओं पर लागू होगा। भारत द्वारा निर्यात की जाने वाली जेनेरिक दवाओं को अभी इससे बाहर रखा गया है। पेटेंट दवा वह दवा होती है जिसे किसी कंपनी ने खुद रिसर्च करके खोजा और विकसित किया होता है। सरकार उस कंपनी को एक निश्चित समय (आमतौर पर 20 साल) के लिए उस दवा को बनाने और बेचने का कानूनी अधिकार (पेटेंट) देती है।










