लोकवाहिनी संवाददाता यवतमाल। मार्च महीने की शुरुआत में ही भीषण गर्मी झेल रहे जिले को अब मौसम के बदले मिजाज ने बड़ा झटका दिया है। पिछले दो-तीन दिनों से जिले के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की तैयार फसल बर्बाद हो गई है। जिले में कटाई के लिए तैयार गेहूं, ग्रीष्मकालीन मूंगफली, तिल, ज्वार, आम, गन्ना और अन्य फलों की फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। जिलाधिकारी विकास मीणा ने प्रशासन को तत्काल खेतों में जाकर पंचनामा करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुरूप जिले में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। दारव्हा, रालेगांव और बाभुलगांव तहसीलों में सबसे अधिक असर देखा गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दारव्हा तहसील में लगभग 42 हेक्टेयर में लगी गेहूं, तिल और ज्वार की फसल बर्बाद हो गई है। कटाई के लिए तैयार गेहूं गिर जाने से उत्पादन में भारी कमी की आशंका है। वहीं बाभुलगांव में 2 हेक्टेयर ज्वार की फसल को भी नुकसान पहुँचा है।








