लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। फिरौती की रकम को लेकर आरोपियों ने पहले अथर्व का अपहरण किया और आधे घंटे बाद ही उसकी हत्या कर दी। वहीं अथर्व के गायब होने की खबर फैलते ही आरोपी घबरा गए और फिरौती की मांग नहीं की। अपहरण के दूसरे दिन उसका शव आउटर रिंग रोड पर फेंक दिया गया। सबसे महत्वपूर्ण, हत्याकांड का मुख्य आरोपी मृतक का पड़ोसी ही निकला।
हनुमान जयंती की शोभायात्रा से अगवा किए गए 14 वर्षीय स्कूली छात्र अथर्व नानोरे की हत्या से पूरा शहर दहल गया। सोमवार को क्राइम ब्रांच ने आखिरकार इस हत्या का मामला सुलझा लिया। गिट्टीखदान पुलिस और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त अभियान में तीनों हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों की उम्र 19 से 22 साल के बीच है। चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी अथर्व का पड़ोसी है।
पकड़े गए आरोपियों के नाम:
जयराम गोपाल यादव (19), निवासी आईबीएम रोड, गिट्टीखदान।
केतन उर्फ कुणाल रमेश साहू (22), निवासी कुतुब शाह मस्जिद के पास, गिट्टीखदान।
आयुष मोहन साहू (19), निवासी शिवशंकर मंदिर के सामने, मानकापुर।
फिरौती के लालच में रची साजिश
तीनों आरोपी सब्जी के ठेले चलाते थे और पीड़ित परिवार के परिचित थे। ये अक्सर अथर्व के पिता से सब्जियां खरीदते थे। आरोपियों को पता था कि अथर्व के पिता सब्जियों के थोक व्यापारी हैं और उनके पास काफी पैसा रहता है। दिलीप नानोरे ने घर बनाने के लिए जो रुपये जोड़कर रखे थे, उन पर आरोपियों की नजर थी। इसी लालच में आकर घटना से तीन दिन पहले अपहरण की साजिश रची गई।
आइसक्रीम के बहाने अपहरण और हत्या
अथर्व को आइसक्रीम दिखाकर भीड़ में से ले जाने की जिम्मेदारी जयराम को सौंपी गई थी। घटना वाले दिन, हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान जयराम उसे बहला-फुस्कर टाटा एस कार के पास ले गया, जहां आयुष और कुणाल पहले से इंतजार कर रहे थे। तीनों ने जबरदस्ती अथर्व को कार में धकेल दिया और शोर मचाने से रोकने के लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूस दिया।
वे कार को गोरेवाड़ा की ओर ले गए, लेकिन इलाके में शोर-शराबे से भयभीत होकर उन्होंने कपड़े के सहारे अथर्व का गला घोंट दिया। जानकारी के अनुसार, रात करीब 10:54 बजे उसे साथ ले जाया गया और करीब 11:30 बजे गाड़ी में ही उसकी हत्या कर दी गई। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर उन्होंने कार सड़क किनारे छोड़ी और घर चले गए। अगले दिन सुबह उन्होंने शव को आउटर रिंग रोड पर फेंक दिया। कलमेश्वर सीमा के भरतवाड़ा इलाके में अथर्व का शव एक बोरी में मिला, जिसके हाथ-पैर बंधे हुए थे।
सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में अथर्व को आखिरी बार एक आइसक्रीम पार्लर के पास देखा गया था। इसके बाद आरोपी उसे ऐसी जगह ले गए जहां कैमरे नहीं थे, जिससे साफ हुआ कि अपराध सुनियोजित था। घटनास्थल से मिले बैग पर मौजूद ट्रेडमार्क जांच में महत्वपूर्ण सबूत साबित हुआ, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।









