विकास और सौहार्द पर केंद्र सरकार की नीति पर जोर
अल्पसंख्यक सशक्तिकरण को लेकर राष्ट्रीय बैठक में अहम चर्चा
महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग की कार्यप्रणाली को देशभर में सराहा जा रहा है। हाल ही में आयोजित एक राष्ट्रीय बैठक में विभिन्न राज्यों के अल्पसंख्यक आयोगों के कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें महाराष्ट्र आयोग को सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाला आयोग बताया गया। इस उपलब्धि का श्रेय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व और राज्य सरकार की नीतियों को दिया गया।
बैठक में कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग के कार्यों की भी सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” नीति को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है और इसके माध्यम से समाज के सभी वर्गों का समग्र विकास संभव है।
चर्चा के दौरान यह भी जोर दिया गया कि किसी भी देश की प्रगति के लिए अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास अत्यंत आवश्यक है। इसी संदर्भ में सभी राज्यों के अल्पसंख्यक आयोगों को अधिक अधिकार देने और उन्हें मजबूत कानूनी ढांचा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2014 के बाद देश में बड़े सांप्रदायिक दंगों में उल्लेखनीय कमी आई है, जो सरकार की शांति और सौहार्द नीति का परिणाम है। साथ ही नेताओं के बयानों और उनके समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई नेताओं के कार्यों का उल्लेख करते हुए विकास और सामाजिक विश्वास को सरकार की प्राथमिकता बताया गया।










