लोकवाहिनी, एजेंसी,काहिरा। होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग हुई है। यह फायरिंग ईरानी नौसेना ने की, जिसमें एक भारतीय जहाज पर भी गोली चलाई गई थी। इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को समन (Summon) किया है।
सूत्र बताते हैं कि इस समय ईरान में युद्ध की वजह से कन्फ्यूजन की स्थिति है। ईरान की अलग-अलग सेनाएं और इकाइयां एक-दूसरे से पूरी तरह समन्वय में काम नहीं कर रही हैं। मिडिल ईस्ट की जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही। यहाँ होरमुज की खाड़ी में एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
ईरान ने शुक्रवार को इस रास्ते को खोलने का ऐलान भी किया था, और अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस पर पोस्ट भी किया। लेकिन अब फिर से शनिवार को ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया है। यहाँ सैन्य कंट्रोल फिर से लागू कर दिया गया है। इसके अलावा दो जहाजों पर गोलीबारी की खबरें रिपोर्ट हुई हैं। यह खबर ऐसे वक्त आई है, जब दुनिया को उम्मीद थी कि यह रास्ता खुल रहा है।
ईरान की तरफ से आईआरजीसी (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम जलिागरी ने बयान में कहा कि होरमुज की खाड़ी पर कंट्रोल फिर से पहले जैसा कर दिया है। जब तक अमेरिका ईरानी जहाजों पर से पाबंदियां नहीं हटाता, यह खाड़ी उसी तरह बंद रहेगी। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर कमर्शियल जहाज को आईआरजीसी की नौसेना की इजाजत लेनी होगी।
दुनिया की तेल सप्लाई प्रभावित
इसके अलावा इंटरनेशनल ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने कहा है कि यह इतिहास में तेल सप्लाई का सबसे बड़ा संकट है। हर दिन एक करोड़ से ज्यादा बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। दुनिया में गैस की 20 प्रतिशत कमी आ गई है। इसका असर पेट्रोल, डीजल और गैस के दामों पर पड़ रहा है।
दो जहाजों पर गोलीबारी
एपी (AP) के हवाले से खबर दी गई कि कम से कम दो जहाजों पर होरमुज के रास्ते गोलीबारी हुई है। ऐसे में जहाजों में भरे तेल के टैंकर और उस पर मौजूद क्रू मेंबर्स पर खतरा बढ़ गया है। इससे पहले इजरायल और लेबनान में सीजफायर की घोषणा हुई थी, जिसमें अमेरिका ने आगे बढ़कर मदद की थी।








