नागपुर में सरकारी कर्मचारियों ने एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। पुलिस आयुक्त कार्यालय में कार्यरत मंत्रालयीन कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है। कर्मचारी प्रतिनिधि जगदीश शेलके के अनुसार, वर्ष 2023 में हुए आंदोलन के दौरान सरकार ने संशोधित पेंशन योजना लागू करने का स्पष्ट आश्वासन दिया था, किंतु अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना को पुनः बहाल करना है, जिसे वे अपने भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक मानते हैं। इसके अतिरिक्त सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि अन्य राज्यों की तुलना में यहां की नीति असंतुलित है और इसमें सुधार आवश्यक है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं संगठित रूप दिया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार से अपील की है कि सभी लंबित मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर न्यायसंगत निर्णय लिया जाए, ताकि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रह सके और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रूप से कार्य करती रहे।










