नागपुर जिले के कामठी तालुका अंतर्गत नेरी-उनगांव ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित सुनील फेरो एंड प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कंपनी बिना नियमों का पालन किए अवैध रूप से संचालित हो रही है और इससे पूरे गांव के पर्यावरण एवं स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह कंपनी स्पंज आयरन उत्पादन से जुड़ी है, जो कि पर्यावरणीय दृष्टि से रेड कैटेगरी यानी अत्यंत उच्च जोखिम वाले उद्योगों में आती है। नियमों के अनुसार ऐसी इकाइयों को आबादी क्षेत्र, नदी और शैक्षणिक संस्थानों से पर्याप्त दूरी पर स्थापित किया जाना चाहिए, लेकिन यह कंपनी कथित रूप से नदी से लगभग 50 मीटर और गांव से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अतिरिक्त एक प्राथमिक शाला भी इसके काफी निकट बताई जा रही है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कंपनी से निकलने वाले धुएं और धूलकणों के कारण खेतों की फसलें प्रभावित हो रही हैं तथा लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गांव की पेयजल टंकी भी कंपनी के समीप स्थित होने के कारण जल प्रदूषण की आशंका जताई गई है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि कंपनी को महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पर्यावरणीय अनुमति (EC) और संचालन प्रमाणपत्र (OC) गलत तरीके से प्रदान किए गए हैं। साथ ही 2024 की ग्राम पंचायत एनओसी को भी फर्जी बताया गया है। ग्रामीणों ने इस कंपनी की सभी अनुमतियों की जांच कर तत्काल कार्रवाई और संचालन बंद करने की मांग की है।










