नागपुर में बाइक टैक्सी सेवाओं के विरोध को लेकर चल रहा आंदोलन अब और अधिक उग्र रूप ले चुका है। भारतीय कामगार मंच से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन अनशन प्रारंभ कर दिया है, जिससे प्रशासन और सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा बाइक टैक्सी सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद कुछ निजी कंपनियां नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर संचालन कर रही हैं। उनका कहना है कि इन गतिविधियों के कारण स्थानीय पारंपरिक कामगारों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
इस आंदोलन का नेतृत्व दीपक भंडारकर और नंदुभाऊ टेमरे कर रहे हैं, जिन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनशन अनवरत जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर नियमों के कठोर पालन की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं तीव्र रूप दिया जाएगा। इस स्थिति ने प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न कर दी है और संबंधित विभागों में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर सरकार स्तर पर विचार-विमर्श की संभावना भी जताई जा रही है, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और विवाद का समाधान निकाला जा सके।










