हो गया समझौता, इन 3 मुद्दों पर बनी सहमति
वॉशिंगटन डीसी, एजेंसी:वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान में युद्ध खत्म करने और परमाणु बातचीत का रास्ता तय करने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। दोनों देशों के बीच अगले 48 घंटे में एक समझौते पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। इसके बाद आधिकारिक तौर पर दोनों देश इस युद्ध को खत्म करने की घोषणा करेंगे। अमेरिकी आउटलेट एक्सियोस ने व्हाइट हाउस के सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है, जिसमें कहा गया है कि पहली बार दोनों देशों में समझौते को लेकर सहमति बन गई है। रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध खत्म करने के लिए दोनों देश एक पन्ने का समझौता पत्र जारी करेंगे, इस पत्र में 3 मुद्दों का जिक्र किया जा सकता है क्योंकि, दोनों के बीच 3 बड़े मुद्दों पर सहमति बन गई है। हालांकि सबसे बड़ा विवाद न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने की अवधि को लेकर है ईरान 5 साल का प्रस्ताव दे चुका है, जबकि अमेरिका 20 साल चाहता था। अब बीच का रास्ता निकालने की कोशिश हो रही है, जिसमें 12 से 15 साल तक की अवधि पर बात चल रही है।
11 मुद्दों पर अब भी फंसा पेंच
अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर 14 सूत्रीय समझौते को लेकर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात कर रहे हैं। अब तक 3 मुद्दों पर सहमति बन गई है, लेकिन 11 मुद्दों पर पेंच फंसा है। अगले 30 दिन में दोनों देश इस मुद्दे को सुलझाएंगे। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को खत्म कर दिया गया है। हम आगे की बातचीत शांति से करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक समझौते की बैठक इस्लामाबाद या जिनेवा में हो सकती है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में जेडी वेंस और ईरान की तरफ से एमभी गालिबफ शामिल हो सकते हैं।
ईरान यह ऐलान करेगा कि वो परमाणु हथियार नहीं बनाएगा
ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। साथ ही यूरेनियम का संवर्धन भी नहीं करेगा। उसके पास जो यूरेनियम है, उसे पतला करने या खत्म करने की घोषणा भी ईरान करेगा। इस यूरेनियम को कहां पर पतला किया जाएगा, इसके बारे में अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि ईरान के पास जो संबंधित 440 किलो यूरेनियम है, उसे अमेरिका शिफ्ट किया जाए।
आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करेगा अमेरिका
समझौते के तहत अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करेगा। इसके तहत ईरान के फ्रीज पैसे भी लौटाए जाएंगे। शुरुआत में ईरान को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पैसे दिए जाएंगे। 2015 में यूरेनियम संवर्धन के बदले अमेरिका ने उसके 150 अरब डॉलर की राशि को अनफ्रीज करने की बात कही थी, लेकिन बाद में डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा नहीं होने दिया।
हॉर्मुज खोला जाएगा
हॉर्मुज पर भी दोनों में सहमति बन गई है। हॉर्मुज नाकाबंदी को पूरी तरह से खोला जाएगा। ईरान भी हॉर्मुज के रास्ते से जहाजों को गुजरने देगा। अमेरिका भी किसी को डिस्टर्ब नहीं करेगा। यानी हॉर्मुज का रास्ता अब पूरी दुनिया के लिए आसानी से खुल सकता है।









