दहला आर्मी कैंट और बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर आईईडी ब्लास्ट
लोकवाहिनी, संवाददाता:अमृतसर। पंजाब में मंगलवार रात 3 घंटे के भीतर 2 जगह ब्लास्ट हुए। पंजाब के जालंधर में हुए विस्फोट के करीब तीन घंटे बाद अमृतसर में खासा के सेना छावनी क्षेत्र के पास मंगलवार देर रात एक और विस्फोट हुआ। महज तीन घंटे के अंतराल में हुए इन दो विस्फोटों ने सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोल दी है। इन धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इनकी गूंज काफी दूर तक सुनी गई, जिससे सेना और सीमा सुरक्षा बल के कैंपों के आसपास रहने वाले लोग आधी रात को सहम गए। फिलहाल, पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और हमलावरों की तलाश में चप्पे-चप्पे पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अमृतसर के खासा इलाके में स्थित आर्मी कैंट की चारदीवारी पर जब देर रात धमाका हुआ, तो ऐसा लगा मानो कोई बड़ी साजिश को अंजाम देने की कोशिश की गई हो।
खालिस्तान ने लिया ब्लास्ट का जिम्मा
पंजाब के जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली है। वहीं बम धमाकों में शक की सुई पूर्व बीएसएफ जवान के बेटे की तरफ भी मुड़ गई है और पंजाब पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जालंधर ब्लास्ट की जिम्मेदारी लेते हुए ‘खालिस्तान लिबरेशन आर्मी’ की एक पोस्ट वायरल हो रही है। जिसमें कहा गया है कि 5 मई 2026 की रात 8 बजे पंजाब में जालंधर के फ्रंटियर हेडक्वार्टर बीएसएफ पर हमला किया गया। खालिस्तान लिबरेशन आर्मी इस हमले की जिम्मेदारी लेती है। इस हमले में 2 बीएसएफ सिपाही मारे गए और 3 जख्मी हो गए। यह हमला ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ का हिस्सा है। पोस्ट में आगे लिखा हुआ है, यह तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारे भाई शहीद रणजीत सिंह के खून का बदला पूरा नहीं होता और खालिस्तान आजाद नहीं होता।









