लोकवाहिनी, संवाददाता |वडोदरा। पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘सरदारधाम-3’ शैक्षणिक संकुल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट पिछले कई वर्षों के सबसे गंभीर संकटों में से एक है। उन्होंने विश्वास जताया कि जैसे भारत ने कोविड-19 महामारी से सफलतापूर्वक उभरकर आगे बढ़ा, वैसे ही इस संकट से भी देश बाहर निकलेगा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का एक बड़ा हिस्सा बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है, ताकि देश की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जब भी देश पर युद्ध या कोई बड़ी आपदा आई है, तब नागरिकों ने सरकार के आह्वान पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है, और अब भी इसी एकजुटता की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयास किए जाएं और ऐसे व्यक्तिगत खर्चों से बचा जाए जिनमें विदेशी मुद्रा का उपयोग होता है। पीएम ने 24 घंटे में दूसरी बार लोगों से अपील की कि ईंधन की खपत कम करें और निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाएं या इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि लोग फिलहाल सोना खरीदने जैसी गैर-जरूरी खर्च वाली चीजों को टालें, ताकि देश की आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिल सके। पीएम मोदी ने कहा कि पहले भी जब देश युद्ध या किसी बड़े संकट से गुजरा है, तब हर नागरिक ने सरकार के आह्वान पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। आज भी सभी लोगों को मिलकर देश के संसाधनों पर बोझ कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत कई वस्तुओं के आयात पर लाखों करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा खर्च करता है, जबकि आयातित वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और वैश्विक सप्लाई चेन भी प्रभावित है। पीएम मोदी ने कहा कि जैसे एक-एक बूंद मिलकर घड़ा भरता है, वैसे ही छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। इसलिए हमें विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करनी चाहिए और रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे खर्चों से बचना चाहिए जिनमें विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती, दबाव में नहीं ला सकती
सोमनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती या दबाव में नहीं ला सकती। भगवान शिव के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दुर्भाग्य से देश में ऐसी शक्तियां आज भी प्रभावी हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्वाभिमान से ज्यादा तुष्टीकरण जरूरी लगता है और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के विरोध के दौरान भी इसी तरह की सोच दिखाई दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर 1947 में भारत आजाद हुआ था, तो 1951 में सोमनाथ की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत की स्वतंत्र चेतना का उद्घोष किया था। मोदी ने कहा कि सोमनाथ का ‘अमृत महोत्सव’ केवल अतीत का उत्सव नहीं है, यह अगले हजार वर्षों के लिए भारत की प्रेरणा का महोत्सव भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 11 मई केवल सोमनाथ मंदिर के नए स्वरूप में प्राण प्रतिष्ठा के लिए ही नहीं, बल्कि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1998 में आज के ही दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने परमाणु परीक्षण किए थे।








