राज्य में कैंसर ग्रिड तैयार किया जाएगा: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की घोषणा
पुणे। राज्य में कैंसर रोग के मामलों में वृद्धि हो रही है। समय पर निदान और उपचार मिलने पर यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है। इसके लिए महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर ‘कैंसर ग्रिड’ तैयार किया जा रहा है। पुणे महानगरपालिका द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से स्थापित किया गया कैंसर अस्पताल स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया। पुणे महानगरपालिका और ‘आपुलकी’ हेल्थकेयर के संयुक्त उपक्रम से स्थापित किए गए कैंसर अस्पताल का लोकार्पण मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों किया गया। उस समय वे बोल रहे थे। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, महापौर मंजूषा नागपुरे, उपमहापौर परशुराम वाडेकर, सभागृह नेता गणेश बिडकर, स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले, महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम, सांसद मेधा कुलकर्णी, विधायक भीमराव तापकीर, विधायक राहुल कुल आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, कैंसर के उपचार में देरी होने पर मरीजों को लंबे समय तक इलाज लेना पड़ता है। इसके लिए बड़ा आर्थिक खर्च भी करना पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आम नागरिकों को समय पर उपचार मिले, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं में कैंसर उपचार को शामिल किया है। महानगरपालिका की जमीन पर सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए स्थापित किया गया अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम है।
कैंसर ग्रिड क्या है?
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कैंसर मार्गदर्शिका (नेशनल कैंसर ग्रिड) के अनुरूप अब महाराष्ट्र कैंसर मार्गदर्शिका तैयार की जाएगी। इसमें कैंसर के उपचार के लिए विभिन्न क्षेत्रों में केंद्रों की स्थापना करना शामिल होगा। कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाकर इस बीमारी का शीघ्र निदान सुनिश्चित करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस बीमारी के प्रत्येक मरीज का रिकॉर्ड रखा जाएगा। संबंधित मरीज को किस प्रकार का कैंसर है, इसकी जानकारी एकत्र की जाएगी। उस पर शोध कर उपचार पद्धति तय की जाएगी।
बाणेर में लगभग एक एकड़ महानगरपालिका की जमीन पर इसे बनाया गया है। यह 165 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसमें पुणे महानगरपालिका ने 14 करोड़ रुपये की जमीन उपलब्ध कराई है। यह देश का किसी भी महानगरपालिका का पहला पीपीपी मॉडल कैंसर सेंटर बताया जा रहा है। इस अस्पताल में लगभग 150 बिस्तरों की क्षमता है।











