सामाजिक, राजनीतिक और कर्मचारी संगठनों ने सरकार के फैसले के खिलाफ खोला मोर्चा
चंद्रपुर। महाराष्ट्र में अनुसूचित जातियों के भीतर अ, ब, क और ड श्रेणी के रूप में उपवर्गीकरण किए जाने की संभावित प्रक्रिया के विरोध में चंद्रपुर जिले की विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक तथा कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण विरोधी संघर्ष समिति के नेतृत्व में सोमवार, १८ मई २०२६ को दोपहर १२ बजे से शाम ५ बजे तक भव्य जिला स्तरीय धरना आंदोलन आयोजित किया जाएगा।
चंद्रपुर में आयोजित पत्रकार परिषद में आंदोलन की जानकारी देते हुए संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि अनुसूचित जातियों का उपवर्गीकरण कर संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३४१ के तहत अनुसूचित जातियों को प्राप्त संवैधानिक संरक्षण को यथावत बनाए रखना आवश्यक है तथा सरकार को उपवर्गीकरण संबंधी निर्णय तत्काल वापस लेना चाहिए। संघर्ष समिति ने न्यायमूर्ति बदर समिति की रिपोर्ट को असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण बताते हुए समिति को भंग करने की मांग भी की। इसके साथ ही अनुसूचित जातियों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष आर्थिक और शैक्षणिक योजनाएं लागू करने की मांग उठाई गई।
समिति के निमंत्रक अशोक टंभरे, किशोर तेलतुंबडे, अनंत बाबरे, राजकुमार जबादे और प्रा. नितीन रामटेके ने अनुसूचित जाति वर्ग के सभी समाज घटकों से सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
अनेक संगठनों का रहेगा सहभाग
आंदोलन में समता सैनिक दल, भारतीय बौद्ध महासभा, अखिल भारतीय रिपब्लिकन पक्ष, रिपब्लिकन पक्ष खोरीपा, वंचित बहुजन आघाडी, बीएसपी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, बीआरएसपी, भीम आर्मी, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर शतकोत्तर जयंती महोत्सव समिति, बहुजन एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ बुद्धिस्ट मेडिकोस, रिपब्लिकन स्टूडेंट फेडरेशन इंडिया, भीम शक्ति संगठन, भारतीय सुदर्शन समाज महासंघ, बौद्ध विहार मंडल, खाटीक समाज संगठन, राष्ट्रीय चर्मकार संघ तथा जिला परिषद कर्मचारी संघटना कृती समिति सहित अनेक संगठनों की सहभागिता रहने वाली है।











