राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। संयुक्त कर्मचारी कृती समिति के नेतृत्व में कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेशद्वार पर जोरदार नारेबाजी करते हुए निषेध सभा आयोजित की। कर्मचारियों ने शासन और प्रशासन पर उनकी मांगों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया।
आंदोलन की शुरुआत १४ मई से काली पट्टी बांधकर कामकाज आंदोलन के रूप में की गई थी। अब दूसरे चरण में १८ से २० मई तक धरना और निषेध आंदोलन किया जा रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सातवें वेतन आयोग को पूरी तरह लागू करना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, रिक्त शिक्षकेत्तर पदों पर भर्ती तथा पदोन्नति प्रक्रिया में बदलाव शामिल हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से शासन स्तर पर निवेदन दिए जाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। आंदोलन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
संयुक्त कृती समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के चलते विश्वविद्यालय परिसर में पूरे दिन आंदोलनकारी माहौल बना रहा।












