नीट घोटाले को लेकर वडेट्टीवार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की
लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने देश भर में चल रहे नीट परीक्षा घोटाले और राज्य में किसानों तथा युवाओं की समस्याओं को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश में 25 बार विभिन्न परीक्षा प्रश्नपत्र लीक हुए हैं और इस पूरी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री में जरा भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। वडेट्टीवार ने शुक्रवार को नागपुर में यह मांग की।
सत्तारपक्ष द्वारा कांग्रेस नेताओं को नीट घोटाले से जोड़ने के प्रयासों को आड़े हाथों लेते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर लातूर के मोटेगांवकर मामले को आधार बनाकर कांग्रेस को इस विवाद में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार पूर्व मंत्री अमित देशमुख द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए पुराने बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर अपनी विफलता छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश के शिक्षा मंत्री इस गंभीर मुद्दे पर सो रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे की गंभीरता को उठाए जाने के बावजूद सरकार पर छात्रों के भविष्य के प्रति पूरी तरह से असंवेदनशील होने का आरोप लगाया।
महायुति में आंतरिक उथल-पुथल की संभावना
राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए वडेट्टीवार ने संकेत दिया कि महायुति में जल्द ही एक बड़ा बदलाव आ सकता है। शिवसेना और राकांपा (अजित पवार गुट) के विधायकों में आंतरिक असंतोष है और इसके विस्फोटक परिणाम आने वाले कुछ दिनों में देखने को मिलेंगे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि वह अपने सहयोगियों का इस्तेमाल कर उन्हें दरकिनार कर रही है। मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन पर बोलते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार केवल बहाना बना रही है और समय बर्बाद कर रही है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यह धोखाधड़ी भविष्य में बड़े सामाजिक विद्रोह को जन्म देगी।
युवाओं में रोष और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि देश के बेरोजगार युवा हिंदू-मुस्लिम या भारत-पाकिस्तान जैसे धार्मिक मुद्दों के बजाय रोजगार की मांग कर रहे हैं, लेकिन युवाओं की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलने वाले युवाओं के एक्स (ट्विटर) हैंडल प्रतिबंधित किए जा रहे हैं और सरकार युवाओं के असंतोष से डर रही है। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उच्च पदों पर बैठे लोग युवाओं का अपमान करने वाली भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।













