सीपीआईएम ने कांग्रेस से मांगा जवाब, डीएमके ने किया बहिष्कार : 23 दल लेंगे हिस्सा
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन की सोमवार को होने वाली बैठक से पहले सहयोगी दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। एक ओर सीपीआईएम ने केरल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई है, वहीं डीएमके ने बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है। वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में 23 राजनीतिक दलों ने भाग लेने की पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, भारत की तरह इंडी गठबंधन भी अपनी विविधता के साथ एकजुट है। बैठक में ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि कई राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। इस बीच भाजपा नेताओं ने विपक्षी गठबंधन की एकता पर सवाल उठाए हैं।
सीपीआईएम महासचिव एम ए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होगी और राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास बैठक में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि केरल चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने लगातार यह प्रचार किया कि सीपीआईएम और भाजपा के बीच कोई समझौता है। बेबी ने अपने पत्र में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और खड़गे ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच समझौता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप विपक्षी एकता की भावना को कमजोर करते हैं और कांग्रेस को इस पर सफाई देनी चाहिए। बेबी ने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन भाजपा के खिलाफ लड़ने के उद्देश्य से बनाया गया था और सीपीआईएम शुरू से इस मंच को मजबूत करने के लिए काम करती रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने आरएसएस और भाजपा के खिलाफ संघर्ष में अपनी जान गंवाई है, इसलिए सीपीआईएम पर भाजपा से समझौते का आरोप लगाना पूरी तरह निराधार है। वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बैठक को लेकर मजबूत समर्थन जताया है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंचीं। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि सभी दल साझा उद्देश्य और स्पष्ट इरादे के साथ बैठक में शामिल हो रहे हैं।
डीएमके और आप बैठक से रह सकते हैं दूर
बैठक से पहले गठबंधन के भीतर मतभेद भी खुलकर सामने आए हैं। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के बैठक में शामिल होने की संभावना कम है। तमिलनाडु में कांग्रेस पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाया है। वहीं आम आदमी पार्टी (आप) के भी बैठक में न होने की खबर है।
भाजपा ने विपक्षी एकता पर उठाए सवाल
भाजपा ने इंडी गठबंधन की बैठक को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि गठबंधन के पास न कोई मिशन है, न विजन, सिर्फ कन्फ्यूजन है। हालांकि कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने भाजपा की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि बैठक के नतीजों का इंतजार करना चाहिए। 23 दलों की मौजूदगी और अंदरूनी मतभेदों के बीच यह INDI गठबंधन की एकजुटता की बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।
धीरे-धीरे टूट जाएगा इंडिया ब्लॉक
भाजपा नेताओं ने विपक्षी गठबंधन की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन आने वाले दिनों में धीरे-धीरे बिखर जाएगा। उन्होंने कहा, ‘इंडिया ब्लॉक की बैठक में क्या होगा?










