5 हजार वृक्षों का बनेगा हेल्थ कार्ड
वृक्ष संरक्षण के लिए नई तकनीक का आगाज
नागपुर महानगरपालिका ने शहर में वृक्ष संरक्षण और हरित संपदा के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक ‘ट्री रिस्क असेसमेंट’ मशीन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस नई तकनीक के माध्यम से शहर के पेड़ों की स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इस मशीन का लोकार्पण दीक्षाभूमि परिसर में किया जाएगा, जिसके बाद परियोजना के तहत प्रारंभिक चरण में 5 हजार पेड़ों की जांच की जाएगी।
महानगरपालिका के अनुसार, यह मशीन वाहन पर स्थापित होगी और सड़क पर चलते हुए स्वचालित रूप से पेड़ों का स्कैन करेगी। स्कैनिंग के दौरान पेड़ों की आयु, स्वास्थ्य, ऊपरी फैलाव यानी कैनोपी, तने में किसी प्रकार की खोखलापन, संरचनात्मक मजबूती, संभावित खतरे तथा आवश्यक उपचार संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी। प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर प्रत्येक पेड़ का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि प्रत्येक पेड़ का अलग-अलग ‘हेल्थ कार्ड’ बनाया जाएगा। इसमें पेड़ की वर्तमान स्थिति, उसकी मजबूती, रोगों की संभावना और संरक्षण के लिए आवश्यक उपायों का उल्लेख रहेगा। इससे संबंधित विभाग को समय रहते उचित उपचार और देखभाल करने में सहायता मिलेगी।
महानगरपालिका का मानना है कि इस तकनीक से वृक्षों का संरक्षण अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक तरीके से किया जा सकेगा। पायलट परियोजना के परिणामों के आधार पर भविष्य में इसे बड़े स्तर पर लागू करने पर भी विचार किया जाएगा।












