अधिक मास में उमड़ा आस्था का सैलाब
लोकवाहिनी संवाददाता
बुलढाणा। हिंदू धर्म में प्रत्येक तीन वर्ष बाद आने वाले अधिक मास का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। पुरुषोत्तम मास के नाम से प्रसिद्ध इस पवित्र माह में तीर्थयात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों का पुण्य कई गुना अधिक माना जाता है। 15 जून को अमावस्या के साथ इस माह का समापन होने जा रहा है। इसी कारण विदर्भ सहित पूरे महाराष्ट्र के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
विदर्भ की पंढरी के रूप में प्रसिद्ध संत नगरी शेगांव भी इस आस्था की लहर से अछूती नहीं है। अधिक मास के अवसर पर शेगांव में श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने को मिल रहा है। गुरुवार को संत गजानन महाराज का वार और कमला एकादशी का दुर्लभ संयोग बनने से यहां श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ गई। अनुमानतः एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संत गजानन महाराज की समाधि के दर्शन किए, जबकि करीब 65 हजार भक्तों ने संस्थान द्वारा वितरित महाप्रसाद ग्रहण किया। अधिक मास के दौरान प्रतिदिन लगभग 50 से 60 हजार श्रद्धालु शेगांव पहुंचकर संत गजानन महाराज के दर्शन कर रहे हैं। वहीं शनिवार, रविवार, गुरुवार और एकादशी जैसे विशेष दिनों में यह संख्या 70 से 80 हजार तक पहुंच रही है। गुरुवार की सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। समाधि स्थल के प्रत्यक्ष दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लगभग साढ़े तीन घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी, जबकि श्रीमुख दर्शन के लिए करीब 45 मिनट का समय लग रहा था। श्रद्धालुओं ने अनुशासित ढंग से कतार में खड़े होकर संत गजानन महाराज की समाधि का दर्शन किया। इसके बाद भक्तों ने श्रीराम मंदिर में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमानजी के दर्शन भी किए। कई श्रद्धालुओं ने श्री गजानन विजय ग्रंथ का पारायण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर परिसर में सैकड़ों सेवाधारियों की तैनाती की गई थी। संस्थान की ओर से निःशुल्क वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसका बड़ी संख्या में भक्तों ने लाभ उठाया। समाधि दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप नारियल की बर्फी वितरित की गई।
परिवहन और स्थानीय व्यापार को मिला लाभ
हजारों श्रद्धालुओं के आगमन से राज्य परिवहन महामंडल, रेलवे तथा निजी परिवहन सेवाओं को भी बड़ा आर्थिक लाभ मिला। वहीं स्थानीय व्यापारियों के चेहरे भी खिल उठे। फूल-माला विक्रेता, चाय-नाश्ता दुकानदार, होटल एवं भोजनालय संचालक, खिलौने और धार्मिक सामग्री बेचने वाले छोटे व्यापारियों के यहां दिनभर खरीदारों की भारी भीड़ रही। व्यापारियों ने कहा कि अधिक मास उनके लिए भी आर्थिक दृष्टि से बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। आस्था, श्रद्धा और भक्ति के इस अद्भुत संगम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संत गजानन महाराज के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा आज भी वैसी ही बनी हुई है, और शेगांव विदर्भ की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान को निरंतर मजबूत कर रहा है।












