20 जून को दिल्ली में आंदोलन का ऐलान
लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने मंगलवार को आरोप लगाया कि जयपुर में उन पर हुए हमले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के लोगों का हाथ था। हम सत्याग्रही हैं जो गांधी और अंबेडकर को मानते हैं। हम उनके हमलों से डरने वाले नहीं हैं। मुझे पता चला है कि हमला करने वाले लोग आरएसएस से जुड़े थे। जब भी कोई इस सरकार या इनकी विचारधारा के खिलाफ आवाज उठाता है, तो इसी तरह के काम किए जाते हैं। जब उनसे पूछा गया कि हमले के पीछे कौन है, तो उन्होंने कहा कि इसमें कुछ लोग आरएसएस के थे और इसमें कुछ नया नहीं है। उन्होंने उन दावों पर भी सवाल उठाया जिनमें कहा गया था कि वे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे और उनके संबंध आरएसएस से थे। दीपके ने पूछा कि अगर ऐसा था, तो फिर उन पर हमला क्यों गया?
छात्रों की जिम्मेदारी उठाने के लिए अगर हमें राजनीति में आना पड़े तो यह खेदजनक है। हर कोई राजनीतिक दल नहीं बना सकता। अगर सबको राजनीति में आना ही है तो चुने हुए लोग क्या रहे हैं? अगर कल कोई समस्या आती है तो क्या हर कोई राजनीतिक दल बनाएगा? राजनीतिक दलों पर भरोसा कम हो रहा है, ऐसे में नए लोगों के आगे आने की जरूरत है। देश में हर जगह हिंदू-मुस्लिम राजनीति खेली जा रही है। इससे किसी का फायदा नहीं हो रहा है। अगर किसी समस्या के लिए सबको राजनीति में आना ही पड़े तो यह संभव नहीं है। देश के युवाओं को ऐसे हालात का सामना नहीं करना चाहिए। राजनीतिक दल बनाने को लेकर उनके स्पष्ट रुख ने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है। कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। साथ ही 20 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन करने का ऐलान किया।
अभिजीत दीपके ने कहा ना मैं कांग्रेस का हूं, ना भाजपा का, ना आम आदमी पार्टी का। लेकिन देश में जो विद्यार्थियों के करियर से खिलवाड़ हो रहा है, वह बर्दाश्त नहीं करूंगा। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा छोटी-छोटी बातों पर प्रधानमंत्री ट्वीट करते हैं, लेकिन इतने बड़े सुसाइड के मामले पर अभी तक माफी क्यों नहीं मांगी? शिक्षा मंत्री ने इस्तीफे क्यों नहीं दिया? परीक्षा घोटाले, छात्रों की आत्महत्या और गैर-जिम्मेदारी के कारण देश को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर शिक्षा मंत्री कोई कार्रवाई नहीं करते हैं, तो देश के विभिन्न शहरों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होंगे। अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देश भर के छात्र 20 जून को दिल्ली में इकट्ठा होकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे। दीपके ने यह भी कहा जब तक वे इस्तीफा नहीं देते, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
इस्तीफे की मांग को लेकर दिनभर चला आंदोलन
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 1500 से अधिक युवाओं ने सीजेपी के बैनर तले प्रदर्शन किया। शहर में पूरे दिन आंदोलन का माहौल बना रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों सहित पुलिस की 10 टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात रही और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई। आंदोलन में विदर्भ से युवाओं ने भाग लिया। उपराजधानी नागपुर में मंगलवार को ‘कॉकरोच आंदोलन’ के बैनर तले 1500 से अधिक युवा सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि शिक्षा मंत्री तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। आंदोलन दिनभर जारी रहा। प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने कड़ा बंदोबस्त किया गया। शहर के 10 अलग-अलग स्थानों पर पुलिस दल तैनात किए गए। वरिष्ठ अधिकारी और टीवी स्क्वॉड (वाहन गश्त दल) भी मौके पर मौजूद रहे।
शहर में रहे 640 पुलिसकर्मी तैनात
जयपुर की घटना के बाद नागपुर में सीजेपी के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना जताई गई थी। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। 4 डीसीपी, 3 एसीपी, 45 सब इंस्पेक्टर और असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर, 470 पुरुष और 170 महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर तैनात रहे। दो दंगा नियंत्रण प्लाटून (RCP) भी स्टैंडबाय पर रखे गए थे। पुलिस कमिश्नर रविंद्रकुमार सिंगल ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।










