कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर विवाद, एनसीपी ने की माफी मांगने की मांग
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार) पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को संबोधित करते हुए कांग्रेस ने ‘गूंगी गुड़िया’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिससे राज्य की राजनीति काफी गरमा गई है। इस शब्द को लेकर काफी हलचल मच गई है और विभिन्न नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राष्ट्रवादी के नेता धनंजय मुंडे ने भी इस पर कांग्रेस को फटकार लगाते हुए कहा था कि अगली बार बोलने से पहले पहले खुद पर ध्यान दें। वहीं रोहित पवार ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी थी। इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में अब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पत्रकार परिषद के माध्यम से अपना पक्ष रखते हुए अपनी भूमिका स्पष्ट की है। हमने उन्हें गूंगी गुड़िया कहा होगा, तो उन्हें साबित करना चाहिए कि वे दुर्गा हैं इसे साबित करने के लिए अजित दादा के हादसे की जांच का पता लगाए बिना मैं शांत नहीं बैठूंगा, यह उन्हें कहना चाहिए। उन्हें तुरंत वित्त विभाग अपने पक्ष के पास लेना चाहिए।
लाडली बहनों का अनुदान जो 1500 से बढ़ाया जाने वाला था, उसे तुरंत 2100 रुपये करना चाहिए, ऐसा कहते हुए सपकाल अपनी भूमिका पर कायम रहे। जिस पत्रकार परिषद के संदर्भ में कांग्रेस ने ट्वीट किया था, उस पीसी में पत्रकार सवाल पूछ रहे थे। लेकिन एक जनप्रतिनिधि के बजाय गुंडे के रूप में जिनका व्यक्तित्व सामने आया, ऐसी प्रवृत्ति की पहचान रखने वाले और ऐसी बदनामी वाले व्यक्ति ने पत्रकारों को एकवचन में बोलकर चुप करा दिया। और ऐसे समय में उपमुख्यमंत्री (सुनेत्रा पवार) ने एक शब्द भी नहीं बोला। उपमुख्यमंत्री पद पर बैठा व्यक्ति अगर पत्रकारों के सवाल नहीं लेता और विधायक के माध्यम से उन पत्रकारों को चुप करवाता है, तो यह लोकतंत्र और पूरे सामाजिक जीवन के लिए अशोभनीय है। ऐसे समय में हाथ जोड़कर, मुंह पर उंगली रखकर, चुप रहने की भूमिका सुनेत्रा पवार ने अपनाई, इसलिए ‘गूंगी गुड़िया’ शब्द का प्रयोग किया गया, यह वर्णन उचित है, ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने दृढ़ता से कहा।
कांग्रेस ने अपनी जात दिखा दी : काकड़े
राष्ट्रवादी के नेता संजय काकड़े ने कहा कि, इतनी गंदी मानसिकता वाली कांग्रेस है, उन्होंने अपनी जाति दिखा दी। महाराष्ट्र की जनता उन्हें सबक सिखाएगी। अगर हम उन्हें कुछ बोलें तो क्या यह चलेगा? अगर उन्होंने माफी नहीं मांगी तो हम उन्हें महाराष्ट्र में घूमने नहीं देंगे। क्या आपकी मां-बहनें नहीं हैं? मेरी राहुल गांधी से विनती है कि उन्हें इस अध्यक्ष को हटा देना चाहिए। कांग्रेस वालों में अब शर्म नहीं बची है।
आगे बोलते हुए काकड़े ने कहा कि, ‘इतने गंदे और नालायक व्यक्ति को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, राहुल गांधी को उन्हें पद से हटा देना चाहिए। राजीव गांधी के जाने के बाद उनकी गुड़िया कहां गई थी? कहां गायब थी? अगर उन्होंने अपना बयान वापस नहीं लिया तो कांग्रेस के लोगों को राज्य में घूमने नहीं देंगे, उनके नेताओं के चेहरे पर कालिख पोतेंगे। इतना गंदा बयान देने में शर्म नहीं आती क्या? मीडिया में चर्चा में बने रहने के लिए सुपारी लेकर बोले होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनकी योग्यता अब नहीं बची है।’












