मोदी का इंडोनेशिया से चीन को संदेश: भारत विकास का रास्ता अपनाता है, विस्तारवाद का नहीं
जकार्ता। इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए मंगलवार को पीएम मोदी ने कहा, भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति का पक्षधर है। सभी देश अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करें और समुद्री रास्ते सभी के लिए खुले रहें। मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत विकास का रास्ता अपनाता है, विस्तारवाद का नहीं। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और वरिष्ठ मंत्रियों सहित सांसदों को संबोधित करते हुए मोदी ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और बढ़ाने का आह्वान किया और कहा कि जब भारत के 140 करोड़ लोग और इंडोनेशिया के 29 करोड़ नागरिक मिलकर साझा समृद्धि के लिए आगे बढ़ेंगे तो दुनिया इतिहास बनते हुए देखेगी। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत का पुरजोर समर्थक है। भारत हिंद-प्रशांत में नौवहन की स्वतंत्रता में विश्वास करता है। उन्होंने कहा, भारत एक ऐसा देश है जो विकास के रास्ते पर चलता है, विस्तारवाद के नहीं। यह बात उन्होंने दक्षिण चीन सागर और उसके बाहर चीन की बढ़ती सैन्य ताकत के प्रदर्शन को लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ती चिंताओं के संदर्भ में कही। अपने संबोधन में, मोदी ने 1950 के दशक से भारत-इंडोनेशिया संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर बात की, जिसमें यह भी शामिल था कि कैसे दोनों देशों ने 1955 के प्रसिद्ध बांडुंग सम्मेलन में अहम भूमिका निभाई थी।
प्रधानमंत्री को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत और इंडोनेशिया के बीच संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए मंगलवार को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान ‘बिनतांग आदिपुर्ण ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ प्रदान किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने मोदी को यह पदक प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, आज सुबह, मुझे बहुत स्नेह के साथ इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान भी प्रदान किया गया है। यह सम्मान कोटि-कोटि भारतवासियों का है।
भारत-इंडोनेशिया के बीच 20 समझौते
भारत-इंडोनेशिया के बीच मंगलवार को जकार्ता में 20 समझौते हुए। सबसे अहम ब्रह्मोस डील रही। इसको लेकर दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीने से बातचीत चल रही थी। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। पीएम शाम को जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। वे बुधवार को इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। यह मंदिर 1000 साल से ज्यादा पुराना है।












