परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में दी जानकारी
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। राज्य के एक अन्य अहम घटनाक्रम में मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से जुड़ा बड़ा फैसला लिया। सरकार लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान बनाने के लिए नई पॉलिसी ला रही है। इसके तहत 1 अगस्त 2026 से ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट (निवास प्रमाणपत्र) अनिवार्य कर दिया जाएगा। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मंगलवार को विधानसभा में इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए ड्राइविंग लाइसेंस नियमों का प्रस्ताव विधि और न्याय विभाग को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अनधिकृत बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। साथ ही, इस क्षेत्र को वैध बनाने और राजस्व बढ़ाने के लिए नियामक ढांचा तैयार किया जा रहा है। विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान शिवसेना (शिंदे) विधायक दिलीप लांडे ने राज्य में अवैध बाइक टैक्सियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इनके कारण रिक्शा और टैक्सी चालकों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने सरकार से पूछा कि अवैध रूप से चल रही इन गाड़ियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी। जवाब में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्वीकार किया कि राज्य में बड़ी संख्या में अवैध बाइक टैक्सियां चल रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में लगभग 4 से 4.5 लाख अवैध बाइक टैक्सियां सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
निजी मोटरसाइकिलें यात्रियों को नहीं ले जा सकतीं
सरनाईक ने कहा कि बिना आधिकारिक अनुमति के निजी मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल यात्रियों को ले जाने के लिए नहीं किया जा सकता। हालांकि, राज्य परिवहन प्राधिकरण ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में सेवाओं के लिए एग्रीगेटर कंपनियों – उबर इंडिया सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, रैपिडो ऑपरेटर रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और ओला चलाने वाली एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड – को 30 दिन के अस्थायी लाइसेंस जारी किए हैं। इन कंपनियों को एक महीने के भीतर सभी तय शर्तों को पूरा करना होगा।
मंत्री ने अवैध बाइक टैक्सी संचालन के खिलाफ सरकार की कार्रवाई की जानकारी भी दी। अप्रैल 2025 और मार्च 2026 के बीच, परिवहन अधिकारियों ने वैध परमिट के बिना चल रहे 814 वाहनों की पहचान की। इनमें से 151 वाहनों को जब्त किया गया, 14 एफआईआर दर्ज की गई और 16.25 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।













