खुशखबरी : भारत के लिए बड़ी राहत, लेकर आ रहे तेल-गैस और फर्टिलाइजर
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया से भारत को अब खुशखबरी मिलने लगी है। स्ट्रेट ऑफ होरमुज खुल गया है। मिडिल ईस्ट से भारत आ रहे 30 जहाजों ने अब तक होरमुज को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है, जबकि 26 जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने के लिए अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, शिपिंग मंत्रालय के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक, जलडमरूमध्य पार कर चुके 30 जहाजों में से लगभग आधे जहाजों पर एलपीजी और एलएनजी लदा हुआ था। इसके अलावा, आठ जहाजों पर थोक माल मौजूद था और सात कच्चे तेल के टैंकर थे। अधिकारियों ने बताया कि 1 मार्च से 17 जून के बीच 19 जहाजों ने इस समुद्री मार्ग को पार किया था। वहीं, ईरान और अमेरिका के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद से 11 जहाजों ने जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार किया है।
भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुके या उनकी ओर बढ़ रहे इन 30 जहाजों में से 17 विदेशी झंडे वाले जहाज हैं, जिनमें सबसे अधिक पांच जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे तले चल रहे हैं। पश्चिम एशिया में युद्ध के दौरान ईरान द्वारा होरमुज स्ट्रेट को बंद किए जाने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई थी। तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और समुद्री शिपिंग प्रभावित हुई। हालांकि अब स्विट्जरलैंड में चल रही अमेरिका-ईरान वार्ता और संघर्ष विराम की कोशिशों के बीच बाजार में राहत के संकेत दिखाई देने लगे हैं। समुद्री ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में होरमुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है, जो फरवरी के आखिर के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। इसी के साथ अमेरिकी तेल की कीमतें भी युद्ध शुरू होने के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल रहती है और होरमुज पूरी तरह खुला रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल दुनिया की नजरें स्विट्जरलैंड में जारी वार्ताओं और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर टिकी हुई हैं।
खाड़ी में मौजूद 26 जहाज
रिपोर्ट के अनुसार, होरमुज जलडमरूमध्य के पश्चिम फारस की खाड़ी में अभी भी भारतीय हितों से जुड़े 26 जहाज मौजूद हैं। इनमें भारतीय झंडे वाले और भारत आ रहे विदेशी झंडे वाले, दोनों तरह के जहाज शामिल हैं। इन 26 जहाजों में से तीन में ऊर्जा उत्पाद, 10 में उर्वरक और बाकी 13 जहाजों में अन्य प्रकार का माल लदा हुआ है। होरमुज जलडमरूमध्य एक बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है, जहां से दुनिया भर की कुल ऊर्जा आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। भारत के लिए यह मार्ग विशेष रूप से मायने रखता है, क्योंकि एलएनजी और एलपीजी की खरीद के लिए उसके प्रमुख व्यापारिक भागीदार खाड़ी देशों में ही स्थित हैं।












