राम मंदिर ट्रस्ट-आरएसएस पर सुप्रिया श्रीनेत का हमला
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। सुप्रिया श्रीनेत ने नागपुर के प्रेस क्लब में कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे मंजूर कर लिए गए हैं। उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। इसकी घोषणा ट्रस्ट (श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र) के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने की, जिन्होंने खुद माना कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया। इससे राम मंदिर के प्रति इन लोगों की गंभीरता का पता चलता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें आरएसएस की पूरी भूमिका है। चंपत राय या अनिल मिश्र को किस आधार पर क्लीन चिट दी गई है? बड़ी बात यह है कि कृष्ण मोहन, जिन्हें अभी-अभी महासचिव बनाया गया है, उनकी अपनी भूमिका भी संदिग्ध है। ट्रस्ट को भंग कर दिया जाना चाहिए, इसकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची है। अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे चोरी की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पेश कर दी है। जांच में चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड रखने और निगरानी व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां चिह्नित की गई हैं। उन्होंने कहा, इस देश में दिन की शुरुआत राम-राम से होती है। ऐसे देश में यदि भगवान राम के मंदिर में श्रद्धालुओं के दान की चोरी हो रही है, तो यह केवल चोरी नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है।
गोविंदगिरी महाराज के खिलाफ आरोप
प्रेस वार्ता में कांग्रेस कार्यसमिति सीडब्ल्यूसी की सदस्य सुप्रिया श्रीनेत ने राम मंदिर में कथित चोरी के मामलों को लेकर केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस और मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाए। चंपतराय बंसल को क्लीन चिट दी जा रही है। उनकी गहन जांच होनी चाहिए। उनका एक निजी सुरक्षा एजेंसी से क्या संबंध है? उसमें 400 लोगों की भर्ती की गई थी। उन सुरक्षा गार्डों को उन सभी जगहों पर तैनात किया जा रहा था जहां दान राशि भेजी जा रही थी। एसबीआई ने तीन महीने पहले ही चेतावनी दी थी। सिस्टम में ही गड़बड़ी है। जब ये सब चल रहा था, तब कोषाध्यक्ष गोविंदगिरी महाराज क्या कर रहे थे? वे कहते हैं कि मैंने सारा काम संभालने के लिए एक आदमी नियुक्त किया था। अगर आपके पास राम की सेवा करने का समय नहीं है, तो आपने इतना तमाशा क्यों किया? सुप्रिया श्रीनेत ने यह सवाल उठाए।
कांग्रेस में कथित गुटबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पार्टी में मतभेद लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की तुलना भाजपा और आरएसएस से नहीं की जा सकती।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामटेक लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद शामकुमार बर्वे, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे पाटिल, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष किशोर कन्हेरे, हिंगना विधानसभा क्षेत्र कुंदा राउत, रश्मीताई, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की पूर्व अध्यक्ष अवंतिका लेकुरवाले, प्रदेश कांग्रेस सचिव विजय सारडकर, वैष्णवी भारद्वाज एवं नागपुर शहर ग्रामीण के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मुंह में राम बगल में छुरी, भाजपा से ज्यादा किसी पर फिट नहीं होता, सरेआम भाजपा अध्यक्ष के रोड शो में हनुमानजी का अपमान किया, यह आरएसएस-भाजपा वाले हमारे धर्म के नाम पर कलंक हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई और महिलाओं ने अपने मंगलसूत्र तक अर्पित किए हैं। पिछले 40 दिनों में 70 चोरी की घटनाएं पकड़ी गई हैं, ऐसे में पिछले छह वर्षों के आंकड़ों का जवाब सरकार को देना चाहिए। श्रीनेत ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट को आरटीआई के दायरे से बाहर रखा गया, शंकराचार्यों की उपेक्षा हुई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी उपलब्धि का श्रेय लिया। उन्होंने मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की। उनके मुताबिक, एसबीआई ने तीन महीने पहले सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को लेकर चेतावनी दी थी।













