मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ सीजफायर खत्म होने के बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15% टूटकर 76,503.60 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 516.65 अंक यानी 2.12% गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। सेंसेक्स इंट्रा-डे में 1,900 पॉइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24800 के एकदम करीब आ गया।
ब्रॉड लेवल पर भी मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 में डेढ़ फीसदी से अधिक तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2% से अधिक की गिरावट आई। सेक्टरवाइज आज सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल रहे। हालांकि सबसे अधिक दबाव बैंकिंग और एफएमसीजी स्टॉक्स ने डाला। पीएसयू और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स ढाई फीसदी से अधिक टूट गए तो निफ्टी एफएमसीजी भी करीब ढाई फीसदी नीचे आ गया। ऑटो सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूटा तो निफ्टी आईटी भी 1% से अधिक कमजोर हुआ है।
बिकवाली के इस माहौल में ओवरऑल आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 8 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी निवेशकों की दौलत में 8 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर यह हुआ कि ऑयल और नेचुरल गैस इंडेक्स में काफी गिरावट देखी गई। खबर लिखे जाने तक यह इंडेक्स 577.48 अंक या 2.18 प्रतिशत कमजोर होकर 25,872.59 पर ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा ऑटो सेक्टर के अधिकांश शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अशोक लेलैंड, मारुति, एमआरएफ, हुंडई और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हिकल के शेयर 3 से 4 प्रतिशत टूटकर कारोबार कर रहे थे।












