नई दिल्ली। हॉकी इंडिया ने मस्कट में 20 से 25 जुलाई तक होने वाली पहली युवा हॉकी फाइव्स एशियाई चैंपियनशिप के लिए मंगलवार को भारतीय सब जूनियर पुरुष और महिला टीम की घोषणा की। यह चैंपियनशिप इसलिए भी खास है क्योंकि यह पहली एफआईएच अंडर-18 युवा हॉकी फाइव्स विश्व कप के लिए आधिकारिक एशियाई क्वालीफायर है। इस टूर्नामेंट में एशिया के उभरते हुए बेहतरीन हॉकी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिसमें दोनों वर्ग में सात-सात टीम मुकाबला करेंगी। पुरुषों के वर्ग में मेजबान ओमान, भारत, पाकिस्तान, ईरान, इराक, सऊदी अरब और बांग्लादेश की टीम चुनौती पेश करेगी। महिलाओं के वर्ग में भारत, पाकिस्तान, ओमान, चीन, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और ईरान की टीम खेलेगी। भारतीय टीम का चयन भोपाल (महिलाओं के लिए) और चंडीगढ़ (पुरुषों के लिए) में चल रहे दो राष्ट्रीय शिविर में 15-15 खिलाड़ियों के समूह से किया गया।
दस खिलाड़ियों वाली महिला टीम में गोलकीपिंग की जिम्मेदारी खिल्ली कुमारी और महक परिहार को मिली है। रक्षा पंक्ति में नीलम टोपनो और किरण एक्का जिम्मेदारी संभालेंगी जबकि दीया, पुष्पा मांझी और श्रुति कुमारी मिडफील्ड का हिस्सा होंगी। अग्रिम पंक्ति में नौशीन नाज, संदीप कुमारी और कप्तान स्वीटी कुजूर शामिल हैं। पुरुष टीम में सावन कुमार और आयुष रजक गोलकीपर हैं जबकि करण गौतम और आशीष तानी पूर्ति दो डिफेंडर हैं। मिडफील्ड में राहुल यादव और रोमित पाल हैं जबकि अग्रिम पंक्ति में कप्तान केतन कुशवाहा, प्रहलाद राजभर, अर्शदीप सिंह और शाहरुख अली शामिल हैं।
सब जूनियर महिला टीम की कोच रानी ने कहा, ‘हमने कौशल, गति और जज्बे के अच्छे मिश्रण वाली एक संतुलित टीम चुनी है। खिलाड़ियों ने तैयारी शिविर के दौरान बहुत मेहनत की है और अपने खेल के हर पहलू को बेहतर बनाने के लिए बहुत प्रतिबद्धता दिखाई है।’ उन्होंने कहा, ‘यह टूर्नामेंट हमारे युवा खिलाड़ियों के लिए एशिया की कुछ बेहतरीन टीम के खिलाफ खुद को परखने का एक शानदार मौका होगा। हमें भरोसा है कि वे इस चुनौती को स्वीकार करेंगे, निडर होकर हॉकी खेलेंगे और गर्व के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।’ सब जूनियर पुरुष टीम के कोच सरदार सिंह ने भरोसा जताया कि टीम ओमान में अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, ‘टीम ने ट्रेनिंग शिविर के दौरान लगातार अच्छा प्रदर्शन और कड़ी मेहनत की है। हॉकी फाइव्स एक रोमांचक प्रारूप है जिसमें तेजी, रचनात्मकता और दबाव में शांत रहने की क्षमता को अहमियत दी जाती है और खिलाड़ियों ने इसकी खास जरूरतों के हिसाब से खुद को अच्छी तरह ढाल लिया है।’









