रक्षा और ऊर्जा पर भी हुए समझौते, पीएम मोदी के प्लेन को एफ-16 फाइटर जेट से सुरक्षा दी गई
लोकवाहिनी, संवाददाता:दुबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पांच देशों का दौरा शुक्रवार को यूएई से शुरू हो गया। इसके बाद पीएम नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे। अबू धाबी पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई एयरफोर्स के एफ-16 फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री के विमान को एस्कॉर्ट किया। इसके बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के बीच एलपीजी सप्लाई को लेकर अहम समझौता हुआ।
पश्चिम एशिया में शांति के लिए भारत हर संभव सहयोग देने को तैयार : मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ शुक्रवार को बातचीत की और कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। यूएई के नेता के साथ बैठक की शुरुआत में मोदी ने कहा, “हम यूएई पर हुए हमलों की निंदा करते हैं।” ईरान और अमेरिकी-इजरायल युद्ध के दौरान यूएई ईरानी हमलों का शिकार हुआ है। यहां अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य अड्डा है।
मोदी ने कहा, “यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह अस्वीकार्य है लेकिन यूएई ने जिस तरह से संयम रखते हुए मौजूदा स्थिति को संभाला है वह प्रशंसनीय है।” प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पश्चिम एशियाई संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग करने को तैयार है।” बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने कुछ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘यूएई की इस यात्रा के दौरान ऊर्जा, रक्षा, बुनियादी ढांचे, जहाजरानी और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिली। उन्होंने कहा, एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, यूएई ने भारत में पांच अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इससे हमारे आर्थिक संबंध और भी मजबूत होंगे।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (देश के सामरिक पेट्रोलियम भंडार के रखरखाव के लिए जिम्मेदार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी) ने अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के साथ ‘सामरिक सहयोग’ के उद्देश्य से एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका लक्ष्य ऊर्जा सुरक्षा, भारत के पेट्रोलियम भंडार को बढ़ाने और तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) भंडारण केंद्रों पर सहयोग करना है। दोनों नेताओं ने एलपीजी में ‘रणनीतिक सहयोग’ समझौते पर भी हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य भारत में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली खाना पकाने की गैस की दीर्घकालिक आपूर्ति, आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा साझेदारी है।










