नोएडा/सीतापुर। उत्तर प्रदेश में संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों की दो घटनाएं सामने आई हैं। गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा में सेक्टर 122 स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती एक 32 वर्षीय युवक राजेश की रविवार को तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उसे गंभीर हालत में नोएडा के सेक्टर 39 स्थित जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
थाना सेक्टर 113 के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर परिजन शिकायत दर्ज कराते हैं तो पुलिस घटना की पूरी जांच करेगी।
इसी बीच, उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला कारागार में दो दिन पहले लाए गए कैदी उमेश की सोमवार सुबह जिला अस्पताल में मौत हो गई। जेल प्रशासन के अनुसार, उमेश को 27 सितंबर को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार कर जेल में रखा गया था। जेल में उसने रात के समय सांस लेने में तकलीफ और गले में खराश की शिकायत की थी।
जेल अधीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि जेल चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन हालत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हुई। उमेश के परिजनों ने जेल प्रशासन और पुलिस पर हिरासत में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
सीतापुर के जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जांच जेल में हुई घटनाओं, मेडिकल रिकॉर्ड और मौत के वास्तविक कारणों पर केंद्रित होगी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दोनों ही घटनाएं राज्य में संदिग्ध मौतों और हिरासत में सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। अधिकारी फिलहाल पूरी गंभीरता से जांच कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।











