मंत्रियों के साथ बैठक बेनतीजा, किसानों का ऐलान
लोकवाहिनी, संवाददाता
भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। मूंग खरीदी, ई-टोकेन सिस्टम रद्द करने समेत 3 मांगों को लेकर भोपाल में किसानों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। समाधान निकालने के लिए मंत्रालय में 3 मंत्रियों और सीनियर अधिकारियों के साथ किसानों के 15 प्रतिनिधियों की बैठक हो रही है। 2 घंटे की बैठक बेनतीजा रही। इसके बाद नाराज किसानों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और गेट तोड़कर अंदर घुसेंगे।
किसान समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर पूरी मूंग फसल खरीदने की मांग कर रहे हैं। किसानों के साथ सरकार की बातचीत नाकाम होने के बाद भोपाल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। किसानों का आंदोलन कल मंगलवार को शांतिपूर्ण रहा लेकिन अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिख रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पैदल मार्च करते हुए किसान राजधानी पहुंच गए और बरकतullah यूनिवर्सिटी के सामने नर्मदापुरम रोड पर धरने पर बैठ गए। किसानों ने रास्ते में पुलिस द्वारा लगाए गए 3 बैरिकेड पार किए, हालांकि पूरे आंदोलन के दौरान किसी तरह की हिंसा या टकराव की स्थिति नहीं बनी।
आंदोलन का मुख्य मुद्दा मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और किसानों की अन्य लंबित मांगें हैं। प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि जब तक राज्य सरकार उनकी सारी मांगों पर सही फैसला नहीं ले लेती, तब तक वे यहीं डटे रहेंगे। इस बीच मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर केंद्र से खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है। राज्य सरकार ने 14 मई और 3 जुलाई को भारत सरकार के पास 8.06 लाख मैट्रिक टन मूंग खरीदी का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन प्रदेश के लिए मात्र 4.54 लाख मैट्रिक टन का ही लक्ष्य पास किया गया। दस्तावेज के अनुसार राज्य सरकार ने केंद्र की ओर से लक्ष्य बढ़ाने पर किसानों की ओर से धन्यवाद भी दिया है, लेकिन साथ ही शेष लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध भी दोहराया।












