परियोजना रद्द करने का आश्वासन दें सीएम
लोकवाहिनी, संवाददाता
सातारा। पुणे-सातारा राजमार्ग पर कापूरहोल में किसानों ने रास्ता रोको आंदोलन किया। भोर तालुका के भोंगवली गांव में पुणे ट्रांसमिशन 3 नामक निजी कंपनी के हाई-वोल्टेज सबस्टेशन और टावर लाइन की परियोजना रद्द की जाए, इस मांग को लेकर रास्ता रोको आंदोलन किया गया। इस आंदोलन के लिए बड़ी संख्या में किसानों द्वारा सड़क रोकने का दृश्य सामने आया। तालुका के सैकड़ों नागरिक सीधे राजमार्ग पर आकर बैठ गए। इन उपस्थित आंदोलनकारियों को सांसद सुप्रिया सुले ने संबोधित किया। परियोजना रद्द करने के लिए मुख्यमंत्री को आश्वासन देना चाहिए, ऐसा सांसद सुप्रिया सुले ने सत्ताधारियों से आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह आपकी ओर से मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगी। सुप्रिया सुले ने कहा, ‘कई दिनों बाद भोर और राजगढ़ तालुका के सभी दलों के प्रेम करने वाले लोग आंदोलन के बहाने एक साथ आए हैं। मुंबई का कार्यक्रम रद्द करके आज इस आंदोलन के लिए आई हूं। घर के लोग आंदोलन कर रहे हैं। सत्ताधारी अपने लोगों के साथ अन्याय कर रहे हैं। संघर्ष समिति के साथ चर्चा करके बड़े वकील की मदद लेकर जल्द से जल्द हमारे हिरासत में लिए गए चार लोगों को हम छुड़ाएंगे। हर एक पर दर्ज मामला वापस लिया ही जाना चाहिए। मेरा प्रयास है.. आपकी ओर से तत्काल मुख्यमंत्री से संपर्क करना। परियोजना रद्द करने के लिए मुख्यमंत्री को हमें आश्वासन देना चाहिए।’
प्रस्तावित हाई वोल्टेज सबस्टेशन परियोजना के खिलाफ व्यापक लड़ाई खड़ा करने का संकल्प लेते हुए भाजपा नेता पूर्व विधायक संग्राम थोपटे की अध्यक्षता में ‘सबस्टेशन व टावर लाइन हटाओ संघर्ष समिति’ की स्थापना की गई है। भोर तालुका के 71 और राजगढ़ तालुका के 45, ऐसे कुल 116 गांवों से इस परियोजना की 765 के. वी. की बड़ी टावर लाइनें गुजरने वाली हैं। इस परियोजना की हाईटेंशन टावर लाइन के कारण उपजाऊ जमीन प्रभावित होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, ऐसा मत इन प्रभावित गांवों के किसानों का है। इसलिए इन गांवों के हजारों किसान, भूमिहीन और अल्पभूधारक होने की संभावना है और इसी कारण इन गांवों के किसानों ने इस परियोजना का तीव्र विरोध जताया है।
राहुल गांधी के बयान का किया समर्थन
कोल्हापुर। फिलहाल इतनी तकनीक आने के बावजूद पेपर का डेटा लीक कैसे होता है? आईएएस, आईआईटी, आईआईएम के पेपर कैसे लीक नहीं होते? दाल में कुछ तो काला है। ऐसे शब्दों में राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने कोल्हापुर में आयोजित पत्रकार परिषद में केंद्र और राज्य सरकार पर तीखी आलोचना की। परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा रखी गई भूमिका का सांसद सुप्रिया सुले ने दृढ़ समर्थन किया। ‘नई पीढ़ी पर पेपर लीक के कारण बहुत ज्यादा दबाव है,’ ऐसा कहते हुए सुले ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। ‘अगर राहुल गांधी परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी हों, इसके प्रयास कर रहे हैं, तो हमें उनका साथ देना चाहिए। अगर वे नई पीढ़ी से चर्चा कर रहे हैं तो उनका स्वागत किया जाना चाहिए।’
कोल्हापुर आने के बाद उन्होंने अंबाबाई देवी के दर्शन लेकर स्थानीय पदाधिकारियों से चर्चा की। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे के नियोजन के अनुसार, हर बुधवार और गुरुवार को मुंबई में पार्टी की समीक्षा की जाएगी, जबकि बाकी दिनों में राज्यव्यापी दौरे करके पार्टी का संगठन मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा कोल्हापुर दौरे पर आईं सांसद सुले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठित करने का प्रयास किया। राज्य में कांग्रेस और राष्ट्रवादी पार्टी के बीच आंतरिक नाराजगी पर बोलते हुए सुले ने कहा, ‘राज्य की कांग्रेस क्या करती है, मुझे पता नहीं। लेकिन देश की कांग्रेस के साथ हम हमेशा चर्चा करते हैं। नीति के स्तर पर हम देश की कांग्रेस के साथ ही हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस का राष्ट्रवादी शरद पवार पार्टियों पर क्या गुस्सा है, मुझे पता नहीं। राज्य की कांग्रेस नाराज क्यों है, यह उन्हीं को पता है। सभी चुनाव हुए उस समय हमारे सांसद कांग्रेस के साथ ही थे। कांग्रेस के कुछ लोगों के साथ हम हमेशा चर्चा करते हैं। जो नाराज होंगे, उनके बारे में उनके वरिष्ठों को जानकारी होगी, ऐसा भी उन्होंने स्पष्ट किया।’












