देवाभाऊ ने किया कन्यादान
नागपुर। सदी की सबसे बड़ी त्रासदी कोरोना महामारी ने लाखों लोगों से उनके अपनों को छीन लिया। किसी ने माता-पिता खोए, किसी ने बच्चे खोए, तो किसी ने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण साथी को खो दिया। इन्हीं में से एक थीं प्रीति आंकड़े, जिन्होंने कोरोना महामारी के दौरान अपने पति को खो दिया। उनके पति परिवार में अकेले कमाने वाले थे, ऐसे में उनके निधन के बाद प्रीति के सामने जीवन की कठिन चुनौतियां खड़ी हो गईं। प्रीति के जीवन के इस मुश्किल दौर में तत्कालीन विधानसभा नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा पूर्व विधायक संदीप जोशी उम्मीद की किरण बनकर सामने आए। कोरोना काल में फडणवीस और सिद्धिविनायक फाउंडेशन की ओर से प्रीति सहित करीब 293 परिवारों का अभिभावकत्व स्वीकार करने का संकल्प लिया गया। इनमें से करीब 100 परिवारों की जिम्मेदारी स्वयं देवेंद्र फडणवीस ने ली और इन परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई गई।
इसी मदद और संवेदनशील पहल ने प्रीति के जीवन में एक नई शुरुआत का रास्ता खोला है। 20 अगस्त को नागपुर के लक्ष्मी नगर स्थित रानी लक्ष्मी सभागृह में प्रीति और शिवम मराठी रीति-रिवाज से विवाह बंधन में बंधे। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं विवाह समारोह में शामिल हुए और प्रीति का कन्यादान किया। उन्होंने नवविवाहित दंपती को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखी और खुशहाल वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कोरोना का दौर एक भीषण संकट था। उस समय कई परिवारों ने अपने कमाने वाले और परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाले सदस्यों को खो दिया। ऐसे संकट में फंसे परिवारों का अभिभावक बनने का संकल्प लिया गया था। आज उन्हीं परिवारों में से एक की बेटी प्रीति का पुनर्विवाह होते देखकर उन्हें बेहद खुशी और संतोष हो रहा है। फडणवीस ने कहा कि कोरोना के दौरान जिन परिवारों का पालकत्व स्वीकार किया गया था, उनके बच्चों और परिवारों की जिम्मेदारी आगे भी निभाई जाएगी। उन्होंने इन परिवारों की बेटियों के विवाह होने तक उनकी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प दोहराया। प्रीति के पुनर्विवाह को उन्होंने केवल एक शादी नहीं, बल्कि संकट के दौर से निकलकर नए जीवन की ओर बढ़ने वाली उम्मीद की मिसाल बताया।
और फिर वो पल आया
देवाभाऊ ने स्वयं प्रीति ताई का आँचल शिवम से बांधा… उनका हाथ शिवम के हाथ में दिया… और उनके जीवन का यह नया, सुखद बंधन बांधा। कुछ वर्ष पहले, इसी ताई के सांसारिक जीवन का बंधन अचानक टूट गया था, आज उनके भाई स्वयं उनके नए सांसारिक जीवन का बंधन बांध रहे थे। शादी के बाद भी, जब प्रीति ताई ने अपने दिल की बात कही, तो उनकी आँखों में फिर से आँसू आ गए। अपने दोनों भाइयों के बारे में बात करते हुए उनका गला भर आया। और उन्होंने अपने जीवन में आज जो नई शुरुआत की है, उसका श्रेय देवाभाऊ को दिया।










