पणजी। बंबई उच्च न्यायालय ने समाचार पत्रिका तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में अपनी एक सहकर्मी से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने गोवा की एक सत्र अदालत द्वारा पांच साल पहले उसे बरी करने के फैसले को भी रद्द कर दिया। उच्च न्यायालय की गोवा पीठ की न्यायमूर्ति नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर ने पहले तरुण तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था, लेकिन उनके वकीलों के अनुरोध पर अदालत ने यह अवधि बढ़ाकर चार सप्ताह कर दी। अदालत ने न्यूनतम सजा सुनाते हुए कहा कि यह घटना 13 वर्ष पहले हुई थी और तब से तेजपाल ने कोई अन्य अपराध नहीं किया है। अदालत ने यह भी कहा, संभव है कि पीड़िता और तेजपाल, दोनों अब अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ चुके हों।
August 7, 2026
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यौन उत्पीड़न मामले में तेजपाल को 10 साल की सजा
by Digital Desk
लोकवाहिनी, संवाददाता पणजी। बंबई उच्च न्यायालय ने समाचार पत्रिका तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 में अपनी एक सहकर्मी से दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने गोवा की एक सत्र अदालत द्वारा पांच साल पहले उसे बरी करने के फैसले को भी रद्द... Read More














