मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आश्वासन
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। नागपुर देश का एकमात्र ऐसा शहर है जिसने झुग्गीवासियों को बड़े पैमाने पर मालकी पट्टे दिए हैं, लेकिन हम केवल मालकी पट्टे देने तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन बस्तियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर निवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का भी प्रयास कर रहे हैं। यह आश्वासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यहां दिया।
नागपुर शहर में झुग्गीवासियों को मालकी पट्टे दिलाने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा किए गए प्रयासों और इस पूरी प्रक्रिया पर लिए गए निर्णयों पर सीएफएसडी (सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट) की लीना बुद्धे लिखित पुस्तक ‘फुटप्रिंट ऑफ़ डिग्निटी’ का विमोचन मुख्यमंत्री ने रविवार को सुबह रामगिरि में किया। इस अवसर पर वे बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झुग्गीवासियों के लिए मालकी पट्टे प्राप्त करना अत्यंत महत्वपूर्ण था। मालकी पट्टे मिलने से उनका जीवन बदल गया है और हम उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत हैं। यह पुस्तक झुग्गी विकास के लिए एक मार्गदर्शक होगी। नागपुर के महापौर रहते हुए उन्हें इस मुद्दे की गंभीरता का अहसास हुआ। इसलिए बाद में विधायक के रूप में भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया। इस पुस्तक की लेखिका लीना बुद्धे, जो पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत हैं, ने भी इस जटिल विषय को विद्वत्तापूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने मालकी पट्टे देने का निर्णय लिया। कई निजी जमीनों पर भी झुग्गी-झोपड़ियां बसी हैं। सरकार ने उन्हें नियमित करने का भी निर्णय लिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लेखिका बुद्धे को बधाई देते हुए कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से इस पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण किया गया है। लेखिका लीना बुद्धे ने कहा कि नागपुर की झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को मालकी पट्टे दिलाने का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जाता है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों का मुद्दा बहुत पुराना है। पहले बहुत कम लोग इसे समझते थे, लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस ने मदद का हाथ बढ़ाया और इसके लिए ठोस कदम उठाए। इसी के चलते उन निवासियों को मालकी पट्टे मिलने की अपार खुशी मिली। इस पूरी कहानी को इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। नागपुर शहर में 12 से 15 हज़ार ऐसे मालकी पट्टे वितरित किए जा चुके हैं। यह एक बहुत बड़ा कार्य है।
इस अवसर पर मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इनटकर, डॉ. सुहास बुद्धे, सीएफएसडी के डॉ. बुद्धे के सहयोगी और उनके परिजन उपस्थित थे।












