मुख्यमंत्री ने दिए गणेशोत्सव के दौरान डीजे पर प्रतिबंध के संकेत, पुणे से बड़ा आह्वान
लोकवाहिनी, संवाददाता
पुणे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में होने वाले डीजे के इस्तेमाल को लेकर फिलहाल माहौल काफी गरमा गया है। कई लोगों की ओर से डीजे पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है। इस पर बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है। पुणे में भाजपा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई है, इस बैठक में वे बोल रहे थे। डीजे के विवाद में न पड़ते हुए सांस्कृतिक तरीके से गणेशोत्सव मनाएं, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है। पुणेकर गणेशोत्सव सांस्कृतिक तरीके से मना सकते हैं, ऐसा भी इस दौरान देवेंद्र फडणवीस ने कहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में होने वाले डीजे के इस्तेमाल को लेकर फिलहाल माहौल काफी गरमा गया है। डीजे से होने वाली परेशानी से बचने के लिए डीजे पर प्रतिबंध लगाया जाए, ऐसी मांग शुरू है। इस पृष्ठभूमि में अब पुणे में भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा आह्वान किया है। मैं जब इस कार्यक्रम से बाहर निकलूंगा तब मीडिया मुझसे पुणे के संदर्भ में एक ही सवाल पूछेगा। आपने गणेशोत्सव की बात की फिर गणेशोत्सव में डीजे बजना चाहिए या नहीं? यह सवाल मुझसे निश्चित रूप से पूछा जाएगा। लेकिन मैं पुणेकरों से कहना चाहता हूं। पुणे में ही यह क्षमता है कि पूरी तरह सांस्कृतिक तरीके से उत्सव मनाया जाना चाहिए। यह सिर्फ पुणेकर ही कर सकते हैं। मेरा पुणेकरों से आह्वान है, डीजे के विवाद में न पड़ते हुए पुणेकरों को पूरे महाराष्ट्र को दिखा देना चाहिए कि पूरी तरह सांस्कृतिक तरीके से गणेशोत्सव कैसे मनाया जाता है? ऐसा इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है। इस बीच भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विरोधियों पर भी जोरदार हमला बोला है। साथ ही पेट्रोल, डीजल के संदर्भ में भी उन्होंने बड़ा बयान दिया।
विरोधी नई कार्यप्रणाली अपना रहे हैं
इस कार्यप्रणाली को समझने की आवश्यकता है। हमें पता है जब-जब दुश्मन ने अलग-अलग तरीकों से स्वराज्य पर हमले किए, उस समय शिवराय ने भी गनिमी कावा से लेकर जासूसों तक के माध्यम से दुश्मन का नाश किया। मैं विरोधियों को दुश्मन नहीं कहूंगा। विरोधी नई कार्यप्रणाली अपना रहे हैं। उसे समझना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की जो तेज रफ्तार प्रगति चल रही है, भारत दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था के रूप में तैयार हो गया है। हम आत्मनिर्भरता की ओर जा रहे हैं। हथियारों के लिए भारत को किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
हम पेट्रोल-डीजल के लिए दूसरे देशों पर निर्भर हैं, लेकिन 2030 तक
भारत आज पेट्रोल-डीजल के लिए पूरी तरह दूसरे देशों पर निर्भर है। आज हमारी पेट्रोल-डीजल के लिए निर्भरता है। मुझे विश्वास है, 2030 तक पेट्रोल-डीजल की 50 प्रतिशत जरूरत किसान पूरी करेंगे और 50 प्रतिशत जरूरत ईवीडी के माध्यम से पूरी की जाएगी, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया। भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। आत्मनिर्भरता की ओर जाने वाला यह भारत दुनिया की कुछ शक्तियों को पसंद नहीं आ रहा है। भारत को आज नहीं रोका, तो आगे नहीं रोका जा सकेगा। इसलिए उन्होंने कार्यप्रणाली बदल दी है। आज जिनका उपयोग हो रहा है, उनमें से 5 प्रतिशत लोगों को पता है कि उनका उपयोग हो रहा है। वे जान-बुझकर ऐसी शक्तियों का साथ दे रहे हैं। हमें छत्रपति शिवाजी ने लड़ना सिखाया। शिवराय की सेना उतरती थी तो एक ही नारा देती थी हर हर महादेव। अब उसी प्रकार चढ़ाई करने का समय एक बार फिर आ रहा है। ये आक्रमणकारी नए नहीं हैं। आक्रमण करने वाले नए नहीं हैं। विषय भी नया नहीं है। उनकी कार्यप्रणाली बदली हुई है।










