कुल 9,78,54,049 पंजीकृत मतदाता थे, नए प्रकाशित मसौदे में केवल 7,71,65,562 शामिल
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। राज्य के मतदाताओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने ‘विशेष गहन पुनरीक्षण 2026’ के तहत राज्य की नई प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की है। हालांकि, इस सूची से राज्य के 2 करोड़ 7 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने से बड़ी हलचल मच गई है। गहन पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया शुरू करने से पहले राज्य में कुल 9,78,54,049 पंजीकृत मतदाता थे। लेकिन, नए प्रकाशित मसौदे में केवल 7,71,65,562 (78.86%) मतदाताओं को शामिल किया गया है। यानी गणना प्रपत्र प्राप्त न होने, अनुपस्थित रहने, स्थानांतरण, मृत्यु या दोहरी पंजीकरण के कारण कुल 2,06,88,487 (21.14%) मतदाताओं के नाम वर्तमान सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। इस नई प्रारूप सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या 3,95,89,905 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 3,75,72,570 दर्ज की गई है। इसके अलावा 3,087 तृतीयपंथी मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया है। किसी का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित है या नहीं, यह जांचना अब प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण होने वाला है। मतदाताओं को यह जांचने के लिए कि उनका नाम निर्वाचन आयोग द्वारा प्रकाशित मसौदे में है या नहीं, राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जांच सकते हैं। CEO Maharashtra इस लिंक पर जाकर प्रारूप मतदाता सूची 2026 में अपना नाम जांच सकते हैं।
हटाए गए या नया नाम दर्ज कराना चाहने वाले नागरिकों के लिए निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण समय-सारणी घोषित की है। नागरिकों को अपना नाम जांचने और दावे व आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 31 अगस्त 2026 से 30 सितंबर 2026 तक की अवधि दी गई है। इसके बाद सभी आवेदनों की जांच करके 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। 1 अक्टूबर 2026 को या उससे पहले 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाता भी इसके लिए पात्र होंगे। इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और युक्तिकरण भी किया गया है। पहले राज्य में 1,00,253 केंद्र थे, उनमें से 431 केंद्र कम करके और 394 नए केंद्र जोड़कर अब कुल 1,00,216 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा और सुरक्षा की दृष्टि से 1,403 मतदान केंद्रों का स्थान बदला गया है, और उन्हें अस्थायी संरचनाओं से पक्की और सुरक्षित इमारतों में स्थानांतरित किया गया है। इसलिए आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में प्रत्येक मतदाता के लिए अपना नाम और मतदान केंद्र तुरंत जांच लेना जरूरी है। (पेज 6 पर)
दिल्ली में 47 लाख से अधिक लोगों के नाम हटाए गए
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सोमवार को जारी मसौदा मतदाता सूची में 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख से अधिक लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। जिन लोगों के नाम मसौदा सूची में नहीं हैं, वे 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावा दाखिल कर नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को जारी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, घर-घर जाकर किए गए सत्यापन अभियान में मौजूदा मतदाता सूची में शामिल सभी 1,45,10,299 मतदाताओं को शामिल किया गया था। इनमें से 67 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के सत्यापन फॉर्म बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा जमा कर डिजिटि किए गए। शेष 47,56,722 मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहरी प्रविष्टि वाले और अन्य (एसडीडीओ) श्रेणी में रखा गया तथा इसी कारण उनके नाम मसौदा सूची में शामिल नहीं किए गए। अधिकतर मतदाताओं को इस श्रेणी में ”स्थायी रूप से स्थानांतरित” के रूप में दर्ज किया गया है। हालांकि, मसौदा सूची से नाम हटने का अर्थ यह नहीं है कि पात्र मतदाता दावा अवधि के दौरान अपना नाम शामिल नहीं करा सकते।











