कृत्रिम रंग मिलाने पर बैन, नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई
मुंबई। एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान किया। मसालों को लेकर एफडीए ने बड़ा फैसला लिया है। एफडीए ने राज्य में मसालों को लेकर नए नियमों की घोषणा की है। मसाले में रंग मिलाने पर कार्रवाई का आदेश दिया गया है। राज्य में कई जगहों पर मसालों में मिलावट के चलते यह फैसला लिया गया है। इसके बाद तुकाराम मुंडे ने इस संबंध में नए निर्देश दिए हैं। तुकाराम मुंडे ने कहा कि हम पूरे राज्य में काम कर रहे हैं। हमने कई ऑर्डर दिए हैं और उन पर काम कर रहे हैं। आज हम मसालों को लेकर नियम बना रहे हैं। कुछ जगहों पर इसमें मिलावट की गई थी। ऐसे मसाले खाने से कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं। प्रदेश में मसालों के उत्पादन और बिक्री के संबंध में हम आज आदेश जारी कर रहे हैं। हम विनिर्माण प्रक्रिया परिवहन और बिक्री के लिए विनियमों पर नए नियम लागू कर रहे हैं。
उन्होंने कहा कि कृत्रिम रंग, विदेशी पदार्थ और अन्य चीजें मिलाने से उपभोक्ताओं के लिए खतरा पैदा होता है। इनमें हल्दी, मिर्च, लौंग और मसाले शामिल हैं। इन मसालों में प्रतिबंधित रंग और सामग्रियां होती हैं। मसालों में प्रतिबंधित रंगों का प्रयोग किया गया तो कार्रवाई होगी। मसाले में भूसी और रंगों की मिलावट देखी गई है। मसाले रखने का स्थान साफ-सुथरा होना चाहिए। तुकाराम मुंडे ने कहा कि अतिरिक्त मसाले नहीं बेचे जा सकते। बिना वैध लाइसेंस के मसाले नहीं बेचे जा सकते। एथिलीन ऑक्साइड का उपयोग निषिद्ध है। नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जायेगी। 2006 में जुर्माना और कारावास से दण्डित किया जायेगा। महाराष्ट्र में सुरक्षित भोजन, सुरक्षित औषधि अभियान शुरू किया गया है। (पेज 6 पर)
एमपीएससी मामले की जांच की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं
एमपीएससी पेपर लीक मामले की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया, जिसमें आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे को सचिव नियुक्त किया गया। हालांकि, अब तुकाराम मुंडे ने इस मामले में अपनी भूमिका के बारे में जानकारी देने से मना कर दिया, उन्होंने कहा कि उनके पास इस मामले की जांच के लिए कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। एक मौखिक चर्चा हुई थी, लेकिन उनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। हालांकि, तुकाराम मुंडे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं बताया। रोहित पवार ने एमपीएससी परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के साथ प्रदर्शन किया था। इसके बाद, सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया, जिसमें एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंडे को सचिव नियुक्त किया गया। लेकिन इस विषय पर बोलते हुए, तुकाराम मुंडे ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि एमपीएससी मामले की जांच संबंधी कमेटी में मेरी कोई भूमिका नहीं रही। उन्होंने कहा कि केवल मौखिक चर्चाएं हुईं।













