नागपुर। ग्रामीण पुलिस ने 9.88 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें में मुंबई और दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत करने वाला एक अधिवक्ता भी शामिल है। पुलिस ने ठगी की रकम में से 4.21 करोड़ रुपए होल्ड कर बरामद किए हैं। जांच में 1,000 से अधिक बैंक खातों के जरिए रकम का लेनदेन करने का खुलासा हुआ है। बैंक खाते से बिना ओटीपी साझा किए इतनी बड़ी रकम निकलने के मामले में सिम स्वैपिंग की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वडोदरा पुलिस थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति के बैंक खाते से 4 से 6 जुलाई 2026 के बीच अज्ञात आरोपियों ने आरटीजीएस के जरिए कुल 9 करोड़ 88 लाख 83 हजार 999 रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने न तो कोई लिंक डाउनलोड किया था और न ही किसी के साथ ओटीपी साझा किया था।
खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलने पर उसने नागपुर ग्रामीण साइबर पुलिस स्टेशन में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 8 जुलाई को वडोदरा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। समय पर शिकायत मिलने से पुलिस 4 करोड़ 20 लाख 61 हजार 162 रुपए होल्ड कर बरामद करने में सफल रही। यह रकम पीड़ित के खाते में वापस स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के तथा सहायक पुलिस अधीक्षक एवं कन्नड उपविभागीय पुलिस अधिकारी शशांक एम.एम. के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा, साइबर पुलिस स्टेशन और वडोदरा पुलिस ने संयुक्त जांच की।














